AI चैटबॉट्स की मदद से नेताओं के लिए आसान हुआ प्रचार
राजनीतिक अभियान अब टेक्नोलॉजी से जुड़ रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स की मदद से उम्मीदवार मतदाताओं को पुलिस सुधार, शिक्षा या टैक्स जैसे मुद्दों पर निजी मैसेज भेजकर उनसे बातचीत कर पा रहे हैं।
अकिलियन जैसे प्लेटफॉर्म इन बॉट्स को इस तरह तैयार करते हैं कि वे उम्मीदवारों की आवाज में ही बात करें। इसके साथ ही, ये प्लेटफॉर्म डाटा भी इकट्ठा करते हैं, ताकि आने वाले मैसेज और ज्यादा असरदार बन सकें। खास बात यह है कि अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के नेता डेमोक्रेट्स के मुकाबले इस तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं।
AI टेक्स्टिंग अभियानों के लिए फायदेमंद
AI टूल्स की बदौलत राजनीतिक अभियान कम संसाधनों में ज्यादा लोगों से जुड़ पाते हैं। एरिक विल्सन बताते हैं कि इनकी मदद से टीमों कम साधनों में ज्यादा काम कर पाती हैं।
इससे मैसेज को निजी बनाना और तुरंत जवाब देना आसान हो जाता है। कॉन्वोस जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए अलग-अलग भाषाओं में भी यह संभव है। AI टेक्स्टिंग का इस्तेमाल महामारी के दौरान तेजी से बढ़ा, जब पुराने तरीके से घर-घर जाकर प्रचार करना मुश्किल हो गया था, लेकिन सभी इस तकनीक से सहमत नहीं हैं।
आलोचकों का मानना है कि इसमें पारदर्शिता बहुत जरूरी है, खासकर तब जब कुछ राज्यों में बॉट्स के इस्तेमाल का खुलासा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
गलत जानकारी फैलने की चिंता बढ़ने के साथ विशेषज्ञों का कहना है कि जल्द ही इस पर कड़े नियम लागू हो सकते हैं।