बोरिस चेर्नी ने AI कोडिंग में टोकन की बढ़ती कीमतों को लेकर दी चेतावनी
एंथ्रोपिक के क्लाउड कोड बनाने वाले बोरिस चेर्नी ने बताया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए कोडिंग करना अब पेचीदा होता जा रहा है क्योंकि टोकन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
एक स्केल AI इवेंट में उन्होंने उबर के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) एंड्रयू मैकडोनाल्ड के उस सवाल का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने ने पूछा था कि क्या AI में पैसा लगाना सच में फ़ायदेमंद है?
इसके बावजूद, चेर्नी ने कंपनियों से कहा कि वे नए प्रयोग करने और नए विचारों को आजमाने से कतराएं नहीं।
लूप इंजीनियरिंग से बढ़ सकती है टोकन की लागत
चेर्नी ने 'लूप इंजीनियरिंग' का जिक्र किया, जिसमें AI एजेंट खुद ही प्रॉम्प्ट्स लिखते और उनमें सुधार करते हैं, जिससे वे अपना काम अकेले ही पूरा कर सकें।
हालांकि, यह सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर, बहुत सारे एजेंट एक साथ चलाए गए तो टोकन की लागत काफी बढ़ सकती है। खुद एंथ्रोपिक को भी इस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि कंपनियों को यह ध्यान रखना होगा कि वे बिना सोचे-समझे सिर्फ पैसा ही खर्च न करें। उनका कहना था कि नए प्रयोग करना जितना जरूरी है, संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।