टेक कंपनियों ने AI के महंगे प्रयासों पर लगाई लगाम
दिग्गज अमेरिकी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खूब खर्च कर रही थीं, लेकिन अब उनमें से कई ने अपने प्रयोगों पर रोक लगा दी है।
दरअसल, AI के इन टूल्स को चलाना जितना सोचा था, उससे कहीं ज्यादा महंगा साबित हो रहा है। कुछ ही महीनों में कंपनियों के बजट खत्म हो गए और टोकन की बढ़ती कीमतों ने उनकी जेब ढीली कर दी।
अब कंपनियां समझ रही हैं कि नई टेक्नोलॉजी के साथ परीक्षण करने का असली खर्चा कितना होता है।
उबर और माइक्रोसॉफ्ट ने AI एक्सेस पर लगाम कसी
खर्च को काबू में रखने के लिए उबर और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां AI टूल्स के इस्तेमाल को सीमित कर रही हैं और अपनी रणनीति पर दोबारा विचार कर रही हैं।
OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां भी सस्ते AI मॉडल पेश कर रही हैं, वहीं सेल्सफोर्स अपनी टीमों को यह पता लगाने में मदद कर रहा है कि AI में किया गया उनका निवेश वाकई फायदेमंद है या नहीं।
हालांकि, यह बात सामने आई है कि AI कोडिंग पर खर्च होने वाले पैसे का ज्यादातर हिस्सा किसी तैयार उत्पाद में नहीं बदल पाता इसमें से सिर्फ करीब 18 फीसदी ही सफल हो पाता है। इसीलिए, सभी कंपनियां इन शक्तिशाली, लेकिन महंगे AI टूल्स का इस्तेमाल करने के बेहतर और समझदारी भरे तरीके ढूंढ रही हैं।