दुनियाभर में एक AI एजेंट कर रहा सारे काम, भारत में इस कारण असफल
आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पहले से कहीं ज्यादा समझदार हो गया है। आप फ्लाइट बुक करें, खाना ऑडर करें या ऑनलाइन शॉपिंग, AI अब इन कामों में आपका हाथ बंटाने लगा है।
बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज का कहना है कि अपने लिए काम करने वाले AI असिस्टेंट हमारे डिजिटल जीवन को और भी सरल बना सकते हैं क्योंकि ये अनावश्यक कामों को कम कर देते हैं।
दूसरी तरफ, भारत में लोग हर छोटे-बड़े काम के लिए अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में, एक ही AI असिस्टेंट को पूरी तरह से सबके बीच जगह बनाने में कुछ वक्त लग सकता है।
ऐप्स का बिखराव बना बड़ी मुश्किल
चीन में 'सुपर ऐप्स' होते हैं, जिनसे सारे काम हो जाते हैं, लेकिन भारत की डिजिटल दुनिया वैसी नहीं है। यहां शॉपिंग, ट्रैवल, पेमेंट और मनोरंजन के लिए अलग-अलग ऐप्स मौजूद हैं। ऐसे में, एक अकेला ऐसा AI तैयार करना काफी मुश्किल है, जो इन सभी प्लेटफाॅर्म्स पर काम कर सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि शायद हमें एक अलग या बड़े AI असिस्टेंट के बजाय उन ऐप्स में ही AI के फीचर्स देखने को मिलेंगे, जिनका हम अभी इस्तेमाल करते हैं।
लोग AI से सुझाव तो ले लेंगे, लेकिन उसे अपने सारे काम अपने आप करने की पूरी आजादी देने के लिए उन्हें भरोसा जमाने में कुछ वक्त लगेगा।