ऑरिगो AI के इस्तेमाल से अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बचा रही करोड़ों रुपये
बेंगलुरु से ताल्लुक रखने वाले बालाजी श्रीनिवासन ने ऑरिगो नाम की एक कंपनी शुरू की है। यह कंपनी चुपचाप अमेरिका में सड़कों, पुलों और सरकारी प्रोजेक्ट्स के बनने और उनकी देखभाल के तरीके में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बड़ा बदलाव ला रही है।
ऑरिगो के पास 20 सालों का निर्माण से जुड़ा डाटा है। इसे इस्तेमाल करने वालों में अमेरिकी राज्य की सरकारी एजेंसियां और एमट्रैक जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।
इस डाटा और अनुभव की मदद से कंपनी करीब 500 अरब डॉलर (करीब 47,000 अरब रुपये) के बड़े पूंजीगत कार्यक्रमों से जुड़ी जानकारी जमा कर पाती है। इससे शहरों को और बेहतर तरीके से चलाने में आसानी होती है।
लागत में वृद्धि की करता है पहचान
ऑरिगो का प्लेटफॉर्म टीमों को अच्छी योजना बनाने, पैसों का सही ढंग से इस्तेमाल करने और किसी भी समस्या को बड़ा और महंगा होने से पहले ही समझने में काफी कारगर है।
इसका AI पुराने प्रोजेक्ट्स से सीखता है और लागत बढ़ने जैसे खतरों को बहुत पहले ही पहचान लेता है।
श्रीनिवासन के मुताबिक, "इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के दफ्तर से होती है।" इसका सीधा मतलब है कि स्मार्ट योजना बनाना बेहद जरूरी है।
डाटा सेंटर्स पर AI का इस्तेमाल
हाल ही में ऑरिगो ने अपने AI ज्ञान का इस्तेमाल डाटा सेंटर जैसे व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में भी किया है। इन प्रोजेक्ट्स में आगे की योजना बनाना बहुत अहम होता है क्योंकि टेक्नोलॉजी लगातार बहुत तेजी से बदलती रहती है। इन जटिल कामों के लिए लचीले टूल बनाकर ऑरिगो यह साबित कर रहा है कि वह इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य की किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है।