अंतरिक्ष में ISS पर बायोप्रिंट हुए गुर्दे-लिवर के टिशू
टेक्नोलॉजी
अंतरिक्ष में ऑक्सिलियम बायोटेक्नोलॉजीज ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर गुर्दे और लीवर के टिशू की बायोप्रिंटिंग की है।
कंपनी ने जून में अपने AMP-1 ऑर्बिटल बायोप्रिंटर का इस्तेमाल किया। कार्टिलेज और नर्व रिपेयर इम्प्लांट भी तैयार किए। विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में इसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
ऑक्सिलियम के नमूने धरती पर वापस लौटे
इन सभी बायोप्रिंटेड नमूनों को 17 जून को स्पेस-X ड्रैगन कैप्सूल के जरिए पृथ्वी पर वापस भेजा गया। WFIRM के एंथनी अतला ने बताया कि माइक्रो ग्रेविटी की वजह से कोशिकाएं एक समान रूप से फैलती हैं, जो इस्तेमाल लायक मेडिकल टिशू बनाने के लिए बहुत जरूरी है।
ऑक्सिलियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जैकब कॉफलर ने कहा कि इससे साबित होता है कि उनकी तकनीक कई तरह के टिशू बना सकती है।