LHS 1140 B पर हीलियम का अनोखा वायुमंडल मिला, नए रहस्य खुलने की उम्मीद
खगोलशास्त्रियों को अभी हाल ही में LHS 1140 B पर हीलियम से भरे वायुमंडल के ठोस सबूत मिले हैं। यह धरती से लगभग 48 प्रकाश-वर्ष दूर एक चट्टानी एक्सोप्लैनेट है, जो अपने लाल बौने तारे के 'हैबिटेबल जोन' में मौजूद है। इस खोज की खास बात यह है कि इस ग्रह का वायुमंडल स्थिर होने के साथ-साथ हीलियम से भी भरपूर है। हमारे जैसे ग्रहों के लिए ऐसा वायुमंडल बहुत कम देखने को मिलता है।
तरल पानी को बचाए रख सकता है यह एक्सोप्लैनेट
LHS 1140 B संभवतः पहला ऐसा पृथ्वी जैसा एक्सोप्लैनेट हो सकता है, जिसका वायुमंडल वास्तव में तरल पानी को बनाए रख सकता है। यह उन सभी के लिए एक बड़ी खबर है, जो पृथ्वी से बाहर जीवन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों को अब तक जीवन के कोई संकेत नहीं मिले हैं, फिर भी वे इस बात को लेकर बहुत उत्साहित हैं कि यहां क्या-क्या संभव हो सकता है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पृथ्वी और ग्रह विज्ञान के प्रोफेसर रॉबिन वर्डस्वर्थ ने कहा, "अगला सवाल यह था कि क्या इनमें से कोई ग्रह अपना वायुमंडल बचाए रख पाया है।"
उन्होंने आगे कहा, "अब हमें पता है कि कम से कम एक ग्रह ने तो ऐसा कर दिखाया है।"