अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से सम्मानित, जानिए क्या रही है उनकी उपलब्धि
क्या है खबर?
गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया, जो भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। एक्सिओम-4 मिशन के पायलट के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री को राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रति साहस और समर्पण के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। इसके साथ ही शुक्ला को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा।
मिशन
अंतरिक्ष में हासिल की थी यह उपलब्धि
शुभांशु शुक्ला ने 26 जून, 2025 को नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से स्पेस-X के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से ISS पर पहुंचकर इतिहास रच दिया था। वे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष यात्रा करने वाले वे दूसरे भारतीय हैं। उन्होंने स्पेस में करीब 20 दिनों लंबा समय बिताया और 14 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे थे। वहां उन्होंने 60 से ज्यादा प्रयोग किए, जिनमें जैवचिकित्सा विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, कृषि, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उन्नत सामग्री विज्ञान जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं।
करियर
ऐसा रहा है शुक्ला का करियर
शुभांशु शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की प्रवेश परीक्षा पास की और यहीं से स्नातक की डिग्री हासिल की। वे 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल हो गए और ग्रुप कैप्टन के पद पर पहुंच गए। साल 2019 उन्हें गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुना गया था। ISS में उनका अनुभव इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।