एस्ट्राजेनेका की अल्टोमिरीस दवा को ट्रायल में लगा झटका
एस्ट्राजेनेका की दुर्लभ बीमारी की दवा अल्टोमिरीस HSCT-TMA के बड़े और अंतिम चरण के परीक्षण में अपने मुख्य लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकी।
HSCT-TMA एक गंभीर समस्या है, जो स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बाद हो सकती है। इस अध्ययन में 26 सप्ताह तक बिना किसी नई समस्या के जीवित रहने के लक्ष्य तक नहीं पहुंचा जा सका, हालांकि कुछ संकेत ऐसे थे कि यह दवा कारगर साबित हो सकती है।
इस झटके के बावजूद एस्ट्राजेनेका ने हार नहीं मानी है और अब अल्टोमिरीस को बच्चों के लिए मंजूरी दिलाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है।
बच्चों के परीक्षण में कारगर रही दवा
अल्टोमिरीस बच्चों पर किए गए एक अलग परीक्षण में काफी सफल रही है। इसमें 26 सप्ताह में जीवित रहने की दर 87.2 फीसदी और एक साल में 73.4 फीसदी दर्ज की गई।
इन अच्छे नतीजों के चलते एस्ट्राजेनेका अब बच्चों के लिए नियामक एजेंसियों को आवेदन दाखिल करने की तैयारी में है।
साथ ही, वयस्कों के लिए आगे क्या कदम उठाने हैं, इस पर भी वह स्वास्थ्य अधिकारियों से चर्चा कर रही है।
हाल ही में मिली चुनौतियों और कुछ अन्य दवाओं की नाकामी के बावजूद भी कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 20 नई उपचार पद्धतियां पेश करना और सालाना 80 अरब डॉलर (करीब 7,600 अरब रुपये) का राजस्व कमाना है।