आर्टेमिस-2 मिशन: नासा ने दूसरा वेट ड्रेस रिहर्सल टेस्ट किया पूरा, क्या होता है इसमें?
क्या है खबर?
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आज (20 फरवरी) आर्टेमिस-2 मिशन के लिए दूसरा वेट ड्रेस रिहर्सल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह मिशन इंसानों को दोबारा चंद्रमा के आसपास भेजने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। टेस्ट के दौरान स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट में तरल हाइड्रोजन और तरल ऑक्सीजन भरी गई और पूरा काउंटडाउन अभ्यास किया गया। इस बार पहले की तरह कोई बड़ी तकनीकी दिक्कत सामने नहीं आई।
टेस्ट
क्या होता है वेट ड्रेस रिहर्सल टेस्ट?
वेट ड्रेस रिहर्सल यानी WDR लॉन्च से पहले किया जाने वाला पूरा अभ्यास होता है। इसमें रॉकेट को असली उड़ान की तरह तैयार किया जाता है, फ्यूल भरा जाता है और काउंटडाउन चलाया जाता है। इसका मकसद यह जांचना होता है कि लॉन्च के समय सभी सिस्टम सही तरह काम कर रहे हैं या नहीं। यह टेस्ट इसलिए जरूरी है, ताकि असली मिशन से पहले किसी भी तकनीकी खतरे को पहचाना और ठीक किया जा सके।
पहला टेस्ट
पहले टेस्ट में आई थी हाइड्रोजन लीक की समस्या
इस महीने की शुरुआत में हुए पहले WDR के दौरान तरल हाइड्रोजन लीक की समस्या सामने आई थी। फ्यूल भरते समय और बाद में टैंक पर दबाव डालते वक्त गैस रिसाव दर्ज किया गया था। यह समस्या गंभीर मानी जाती है क्योंकि हाइड्रोजन बहुत ज्वलनशील होता है। नासा ने इसके बाद रॉकेट और ग्राउंड सिस्टम के बीच लगी सील को बदला और दोबारा परीक्षण किया। इस बार हाइड्रोजन स्तर सुरक्षित सीमा में रहा है।
मिशन
कब होगा लॉन्च और क्या है मिशन?
नासा ने अभी आर्टेमिस 2 की अंतिम लॉन्च तारीख तय नहीं की है, लेकिन मार्च की शुरुआत में लॉन्च विंडो रखी गई है। चार अंतरिक्ष यात्रियों का दल जल्द प्री-लॉन्च क्वारंटाइन में जाएगा। आर्टेमिस 2, SLS रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट की पहली क्रू वाली उड़ान होगी। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे और सुरक्षित लौटेंगे, जिससे भविष्य में मानव को चंद्रमा पर उतारने की तैयारी मजबूत होगी।