जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण 2027 तक अटके 40 फीसदी नए डाटा सेंटर
दुनियाभर में नए डाटा सेंटर बनाने में बड़ी मुश्किलें आ रही हैं। बर्नस्टीन की एक रिपोर्ट बताती है कि लगभग 40 फीसदी प्रस्तावित डाटा क्षमता अटक सकती है। इस कारण इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
इसकी वजह बिजली ग्रिडों का साथ न दे पाना, ट्रांसफार्मर्स की कमी और AI के लिए जरूरी कूलिंग तकनीक का अभी तक तैयार न होना है। इन समस्याओं के 2027 के बाद ही सुलझने की उम्मीद है।
देरी से निर्माण लागत में हुआ इजाफा
नॉर्दर्न वर्जीनिया, फ्रैंकफर्ट और लंदन जैसी जगहों पर सबसे ज्यादा देरी देखने को मिल रही है। यहां बिजली या पानी जैसी उपयोगी सेवाओं से जुड़ने में अब 3 से 4 साल का समय लग रहा है।
ऐसे में डेवलपर्स अब पुरानी सुविधाओं को नया रूप दे रहे हैं या कम जाने-पहचाने बाजारों की ओर देख रहे हैं। इन सब के चलते 2023 के बाद से निर्माण लागत में करीब 20 से 25 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।
ऐसी कंपनियों को मिलेगा फायदा
बर्नस्टीन का मानना है कि बड़ी टेक कंपनियां बड़े कैंपस बनाने पर ध्यान देंगी, जबकि बाकी कंपनियां छोटी साइट्स की तरफ जाएंगी।
जिन कंपनियों के पास बिजली और कूलिंग के भरोसेमंद समाधान होंगे, उन्हें आने वाले समय में फायदा मिलेगा। 2027 के बाद जब स्थिति सामान्य होगी तो इन खास क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले आपूर्तिकर्ता ही असली विजेता बनकर उभरेंगे।