आंध्र यूनिवर्सिटी खोलेगी क्वांटम-AI और सेमीकंडक्टर्स के एक्सीलेंस सेंटर
आंध्र यूनिवर्सिटी अगले 2 से 3 सालों में क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर्स के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना बना रही है।
कुलपति जीपी राजा शेखर ने विशाखापट्टनम में हुए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी की शोध को अब ऐसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है, जो भविष्य के लिए बहुत अहम हैं।
शोध को उपयोगी समाधानों में बदलने पर जोर
शेखर ने साफ किया कि इन नए सेंटर्स का मकसद केवल सैद्धांतिक शोध तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि इसे ऐसे व्यावहारिक समाधानों में बदलना है, जिनका फायदा समाज को मिल सके।
उन्होंने जोर देकर कहा, "क्वांटम टेक्नोलॉजी और AI की शोध केवल किताबी बातें बनकर नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इन्हें ऐसे समाधानों में बदलना होगा जो समाज के काम आ सकें।"
क्वैस्ट-AI सम्मेलन में कुल 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 60 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) तिरुपति के निदेशक ने भारत के बड़े राष्ट्रीय क्वांटम मिशन पर बात की और क्वांटम, क्लासिकल कंप्यूटिंग के तालमेल का सुझाव दिया। इस दौरान, विशेषज्ञों ने विशाखापट्टनम में उभर रहे क्वांटम-AI इकोसिस्टम की संभावनाओं पर भी रोशनी डाली।