चीन के सस्ते ओपन-सोर्स मॉडल्स से अमेरिकी कंपनियों पर बढ़ा दबाव
अमेरिका की निर्यात पाबंदियों का सामना करने के बाद चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में बड़े कदम उठा रहा है। वह अब ओपन-सोर्स तकनीक पर जोर दे रहा है और अपनी खुद की तकनीक बनाने में लगा है।
स्टैनफोर्ड के लेटेस्ट AI इंडेक्स के मुताबिक, अब सबसे बेहतरीन चीनी और अमेरिकी AI सिस्टम के परफॉर्मेंस में केवल 2.7 फीसदी का अंतर रह गया है।
मूनशॉट AI का किमी K3 एक खास मॉडल बनकर उभरा है। यह अमेरिका के टॉप मॉडल्स को कड़ी टक्कर दे रहा है और वह भी बहुत कम कीमत में।
अमेरिकी मॉडल्स से बहुत किफायती है किमी K3
किमी K3 10 लाख इनपुट टोकन्स के लिए केवल 3 डॉलर (करीब 280 रुपये) लेता है, जबकि OpenAI का GPT-5.6 सोल उसी काम के लिए 5 डॉलर (करीब 470 रुपये) वसूलता है।
इस सस्ती कीमत ने मोजिला के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) रैफी क्रिकोरेन और कॉइनबेस जैसी बड़ी कंपनियों का ध्यान खींचा है। चीन का ओपन-सोर्स तरीका दुनियाभर में डाउनलोड को बढ़ा रहा है, जिससे महंगे प्रोप्राइटरी मॉडल्स पर निर्भर अमेरिकी कंपनियां अब खुद पर दबाव महसूस करने लगी हैं।