8.33GW डाटा सेंटर पाइपलाइन से बदलेगा भारत का डिजिटल भविष्य
भारत के डाटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में जल्द ही बड़ा बदलाव आने वाला है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, देश में डाटा सेंटरों का कुल डेवलपमेंट पाइपलाइन अब 8.33 गीगावाट (GW) तक पहुंच गया है। यह मौजूदा डाटा सेंटर क्षमता (1.6GW) से 5 गुना से भी अधिक है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डाटा को देश में ही सुरक्षित रखने से जुड़े कड़े सरकारी नियमों ने इस बढ़ोतरी को गति दी है।
इस नई क्षमता का ज्यादातर हिस्सा अभी योजना या शुरुआती चरण में है, जो भारत के डिजिटल भविष्य में बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
डाटा सेंटर पाइपलाइन में मुंबई सबसे आगे
डाटा सेंटर पाइपलाइन में मुंबई 3.75GW के साथ सबसे आगे है। मजबूत तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अच्छी आर्थिक स्थिति इसके लिए मुख्य वजह हैं।
हैदराबाद (1.93GW) और चेन्नई (1.36GW) भी तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। इन्हें सरकारी सहयोग और बेहतर निवेश का लाभ मिल रहा है।
दूसरी तरफ, विशाखापट्टनम, दिल्ली NCR, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहर भी डाटा सेंटर के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं क्योंकि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का लगातार विस्तार हो रहा है।