AI से भारत में छोटे-छाेटे जालसाजी के मामलों में इजाफा
भारत में छोटे स्तर की साइबर ठगी में एक बड़ा उछाल देखा जा रहा है। अब स्कैमर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से आम लोगों को निशाना बनाना बेहद आसान हो गया है।
'सलामी स्लाइसिंग' नाम की एक तरकीब अब काफी आम हो चुकी है, जिसमें छोटे-छोटे धोखे एक साथ बड़े पैमाने पर किए जाते हैं। इसी तरह फर्जी पेमेंट रिक्वेस्ट, फर्जी निवेश के ऑफर और AI की मदद से लोगों की पहचान की नकल करना भी तेजी से बढ़ रहा है।
फर्जी अकाउंट्स 15 लाख तक बढ़े
ये छोटे-छोटे फ्रॉड बड़े पैमाने पर किए जाते हैं, इसी कारण इनसे होने वाला कुल नुकसान काफी ज्यादा हो जाता है। KPMG के साइबर सिक्योरिटी सर्विसेज के प्रमुख अतुल गुप्ता का कहना है कि कई बार ठग सलामी स्लाइसिंग का तरीका अपनाते हैं। इससे भले ही एक बार में पैसों का नुकसान छोटा होता है, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर अंजाम देने से इसका असर बहुत बड़ा हो जाता है।
झूठे अकाउंट्स की संख्या में भारी उछाल आया है। जनवरी में यह 2-3 लाख के बीच थे, जो अगस्त तक बढ़कर 15 लाख तक पहुंच गए। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) स्कैम और फर्जी निवेश के मामले अब हर जगह देखने को मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर मौजूद आपका डाटा भी आपके लिए अगली धोखाधड़ी का रास्ता खोल सकता है। इसलिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है।