तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: पर्दे के बाद क्या चुनावी मैदान में कमाल दिखा पाएंगे थलापति विजय?
क्या है खबर?
तमिलनाडु समेत 4 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल आ चुके हैं। इनमें संभावना जताई गई है कि तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वैत्री कड़गम (TVK) निर्णायक भूमिका निभा सकती है। तमिलनाडु में वैसे भी ऐतिहासिक तौर पर पर्दे से राजनीति में उतरे लोगों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। एग्जिट पोल्स ने TVK को लेकर उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। आइए जानते हैं क्या TVK कमाल कर पाएगी।
एग्जिट पोल्स
क्या कहते हैं तमिलनाडु के एग्जिट पोल्स?
तमिलनाडु के ज्यादातर एग्जिट पोल्स में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की वापसी और TVK के निर्णायक प्रदर्शन की संभावना जताई गई है। पीपुल्स पल्स ने TVK को 18 से 24, मेट्रिज ने 10 से 12, JVC टाइम्स नाउ ने 8 से 15, पी मार्क ने 16 से 26, पीपुल्स इनसाइट ने 30 से 40, प्रजा पोल ने एक से 9, एक्सिस माय इंडिया ने 98 से 120 और वोट वाइब ने 4 से 10 सीटें मिलने की बात कही है।
रैली
क्या वोटों में बदलेगी विजय की रैलियों में उमड़ी भीड़?
विजय ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत पिछले साल सितंबर में ही कर दी थी। वे रोडशो के जरिए सत्तारूढ़ DMK और AIADMK पर निशाना साधते रहे हैं। उनकी रैलियों में भारी भीड़ उमड़ती रही है। हालांकि, क्या ये भीड़ वोटों में बदलेगी ये तो 4 मई को ही पता चलेगा। पिछले साल सितंबर में करूर में उनकी रैली के दौरान मची भगदड़ में 39 लोगों की मौत हो गई थी।
अभिनेता
तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी सितारों का दबदबा
ऐतिहासिक तौर पर तमिलनाडु में फिल्मी सितारों की राजनीतिक सफलता ज्यादा रही है। एमजी रामचंद्रन (MGR) इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। 1972 में AIADMK की स्थापना के बाद वे 1977 में मुख्यमंत्री बने और लगातार 3 चुनाव जीते। उनके बाद जे जयललिता ने राजनीति में कदम रखा और 1991 से 2016 के बीच कई बार मुख्यमंत्री रहीं। 2011 में तो उनके नेतृत्व में AIADMK ने सहयोगियों के साथ मिलकर 234 सीटों में से 203 सीटें जीतीं।
विफलता
लेकिन हमेशा सफल नहीं हुए हैं फिल्मी सितारे
जरूरी नहीं है कि फिल्मी पृष्ठभूमि हमेशा राजनीतिक सफलता की गारंटी हो। अभिनेता शिवाजी गणेशन को पर्दे पर खूब सफलता मिली, लेकिन उनका राजनीतिक करियर असफल रहा। इसी तरह कमल हासन ने भी 2018 में मक्कल नीधि मय्यम के साथ राजनीति में प्रवेश किया। उनकी पार्टी को 2019 और 2021 के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। सुपरस्टार रजनीकांत भी इसका उदाहरण हैं। आमतौर पर नई पार्टी स्थापित पार्टियों के साथ गठबंधन कर ही आगे बढ़ती है।
कमजोरी
क्या है TVK की कमजोरी?
विजय ने 2024 में TVK बनाई थी। उन्होंने सभी 234 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन पार्टी का जमीनी कैडर इतना मजबूत नहीं है। ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी हैं। पार्टी का प्रदर्शन पूरी तरह विजय की लोकप्रियता के इर्द-गिर्द है। विजय उसी द्रविड़ राजनीति की बात करते हैं, जिसके जरिए पेरियार, करुणानिधि और जयललिता ने सत्ता संभाली थी। फिलहाल एमके स्टालिन भी इसी पर आगे बढ़ रहे हैं।