AI के कारण मेटा इस साल 13,800 अरब रुपये कर सकती है खर्च
क्या है खबर?
मेटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ा रही है। इस साल कंपनी करीब 145 अरब डॉलर (लगभग 13,800 अरब रुपये) से ज्यादा खर्च कर सकती है। कमाई रिपोर्ट के बाद यह सामने आया कि कंपनी अपने पहले के अनुमान से 10 अरब डॉलर (लगभग 950 अरब रुपये) ज्यादा खर्च करने की तैयारी में है। हालांकि, रेवेन्यू 33 प्रतिशत बढ़ा, फिर भी बढ़ते खर्च के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी और शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए।
वजह
खर्च बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
कंपनी ने बताया कि खर्च बढ़ने की सबसे बड़ी वजह मेमोरी चिप और दूसरे तकनीकी उपकरणों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी है। AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के कारण डाटा सेंटर बड़ी संख्या में बनाए जा रहे हैं, जिससे चिप्स की मांग बहुत बढ़ गई है। इसी वजह से ग्लोबल सप्लाई पर दबाव आया है और कीमतें ऊपर चली गई हैं। इसका असर सिर्फ मेटा पर नहीं बल्कि पूरे टेक इंडस्ट्री पर साफ दिखाई दे रहा है।
निवेश
AI रेस में पीछे, तेजी से निवेश जारी
मेटा को AI की दौड़ में अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे माना जा रहा है, इसलिए कंपनी तेजी से निवेश बढ़ा रही है। इसके साथ ही, रियलिटी लैब्स डिवीजन में भी लगातार नुकसान हो रहा है, जहां 4 अरब डॉलर (380 अरब रुपये) से ज्यादा का घाटा दर्ज किया गया। पिछले कुछ सालों में इस डिवीजन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद कंपनी नई तकनीक और रिसर्च में पैसा लगाकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
उम्मीद
AI से उम्मीद
मेटा को AI से कुछ फायदे भी मिल रहे हैं, जैसे बेहतर कंटेंट सुझाव और यूजर अनुभव में सुधार। कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है और नए प्रोडक्ट्स पर काम कर रही है। इसके बावजूद बढ़ते खर्च और लगातार निवेश के कारण दबाव बना हुआ है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में AI से बेहतर नतीजे मिलेंगे, लेकिन अभी स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है।