
प्रधानमंत्री मोदी का RSS मुख्यालय का दौरा कितना अहम, किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को नागपुर का दौरा करने जा रहे हैं। वहां वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत से मिलेंगे।
वे RSS के मुख्यालय भी जाएंगे और संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
बतौर प्रधानमंत्री ये पहला मौका है, जब मोदी RSS मुख्यालय जा रहे हैं। बीते कुछ समय से RSS और भाजपा के बीच तनातनी की खबरों के चलते ये दौरा और अहम हो जाता है। आइए जानते हैं दौरा कितना खास है।
दौरा
कैसा रहेगा प्रधानमंत्री का कार्यक्रम?
प्रधानमंत्री सुबह 9 बजे RSS के प्रतिपदा कार्यक्रम में शामिल होंगे और स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे। वे RSS के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। इस दौरान भागवत से भी चर्चा होगी। इसके बाद दीक्षाभूमि जाएंगे।
करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में UAV के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे।
खास
कई मायनों में खास है दौरा
2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी और संघ प्रमुख भागवत की ये तीसरी और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पहली मुलाकात होगी।
ये पहला मौका होगा, जब देश का कोई प्रधानमंत्री RSS के मुख्यालय में जा रहा है।
साथ ही ये पहला मौका होगा, जब प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी RSS के किसी कार्यालय में जा रहे हैं। यहां तक कि बतौर मुख्यमंत्री भी मोदी कभी संघ मुख्यालय नहीं गए।
भाजपा अध्यक्ष
क्या भाजपा अध्यक्ष को लेकर होगी चर्चा?
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी, 2023 में खत्म हो गया था, जिसे कई बार बढ़ाया गया है। पहले खबर थी कि दिसंबर, 2024 तक भाजपा अपना नया अध्यक्ष चुन लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इसके पीछे कयास हैं कि अध्यक्ष चेहरे को लेकर भाजपा और संघ में सहमति नहीं बन पा रही है।
हालांकि, भाजपा का कहना है कि पार्टी के संविधान की वजह से अध्यक्ष चुनाव में देरी हो रही है।
रिश्ते
बदलेंगे भाजपा और संघ के समीकरण?
लोकसभा चुनावों के दौरान नड्डा ने कहा था कि भाजपा को अब RSS की वैसे जरूरत नहीं रही, जैसी पहली हुआ करती थी। चुनावों में भाजपा को बहुमत से कम सीटें मिलीं तो इस बयान के खूब चर्चे हुए। कहा गया कि RSS ने भाजपा की वैसी मदद नहीं की, जैसी किया करती थी।
हालांकि, इसके बाद भाजपा और संघ ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के चुनावों में समन्वित होकर काम किया, जिसके नतीजे भी भाजपा को मिले।
मुलाकात
भागवत-मोदी की मुलाकात कितनी अहम?
BBC से बात करते हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह ने कहा, "अगर प्रधानमंत्री नागपुर जाते हैं और वहां किसी कार्यक्रम में शामिल होते हैं और संघ कार्यालय न जाएं तो उसका संदेश बहुत राब जाएगा। और वो नागपुर जाएं, संघ कार्यालय जाएं और संघ प्रमुख न हों तो उसका भी संदेश भी खराब जायेगा।"
माना जा रहा है कि मुलाकात में भाजपा अध्यक्ष, धर्मांतरण और जनसंख्या नीति पर चर्चा हो सकती है।