Loading...
क्या है राज्यसभा का नियम 267, जिसके तहत NEET और लाठीचार्ज पर चर्चा चाहता है विपक्ष?
राज्यसभा का नियम 267 के तहत NEET लाठीचार्ज पर चर्चा चाहती है कांग्रेस

क्या है राज्यसभा का नियम 267, जिसके तहत NEET और लाठीचार्ज पर चर्चा चाहता है विपक्ष?

लेखन गजेंद्र
Jul 22, 2026
06:53 pm

क्या है खबर?

दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज का मुद्दा संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने दोनों सदनों में कहा है कि वह राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (NNET) पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, विपक्ष अब भी हंगामा कर रहा है। राज्यसभा में विपक्षी सांसदों का कहना है कि संसद में नियम 267 के तहत NEET और लाठीचार्ज पर चर्चा होनी चाहिए। क्या है ये नियम? आइए जानें।

मांग

संसद में क्या उठी मांग?

राज्यसभा में दोपहर 2 बजे नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष नियम 267 के तहत NEET परीक्षा के बारे में सदन में चर्चा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर निष्पक्ष चर्चा तभी हो पाएगी, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे। इसके बाद उपसभापति हरिवंश ने सभा स्थगित कर दी।

दोपहर 3 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद तिरुचि शिवा ने भी यही मांग उठाई।

बयान

उपसभापति ने विपक्ष की मांग पर क्या कहा?

उपसभापति ने नियम की व्याख्या करते हुए कहा कि नियम 267 के तहत चर्चा 'बेहद दुर्लभ' मामलों में की जा सकती है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने भी NEET पर चर्चा के लिए सहमति जताई।

खड़गे ने कहा कि अगर नियम 267 के तहत चर्चा दुर्लभ मामलों में होती है, तो छात्रों, बच्चों, महिलाओं को पीटना एक दुर्लभ मामला है।

इसके बाद सदन को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

ADVERTISEMENT

नियम

क्या है नियम 267?

नियम 267 राज्यसभा के कार्य-प्रक्रिया और कामकाज के संचालन के नियम का एक प्रावधान है।

इसके तहत सभापति की अनुमति से किसी नियम को अस्थायी रूप से निलंबित कर सकते हैं, ताकि सदन के सूचीबद्ध कार्य से जुड़े किसी विशेष विषय पर विचार किया जा सके।

हालांकि, यह स्पष्ट होना चाहिए कि सदन कार्यवाही में कौन-सा नियम निलंबित किया जाना है और विषय उसी दिन की कार्यसूची से संबंधित होना चाहिए।

नियम निलंबित करने का उचित कारण बताया जाना चाहिए।

ADVERTISEMENT

मांग

नियम 267 के तहत चर्चा की मांग क्यों कर रहा है विपक्ष?

रिजिजू ने सदन में कहा कि सरकार NEET के तहत चर्चा करने को तैयार है, लेकिन वह किस नियम के तहत चर्चा करेगी, कितनी अवधि होगी और कब होगी, इसे सभी नेताओं के साथ चर्चा करके बताया जाएगा।

विपक्षी सांसदों को आशंका है कि सरकार किसी अन्य संसदीय प्रक्रिया के तहत चर्चा कराकर मुद्दे को हल्का करना चाहती है।

विपक्ष का कहना है कि पहले पेपर लीक और लाठीचार्ज पर चर्चा हो, उसके बाद अन्य सरकारी कामकाज आगे बढ़े।

बदलाव

नियम को लेकर हो चुका है बदलाव

वर्ष 2000 से पहले विपक्ष अक्सर नियम 267 का इस्तेमाल करके सूचीबद्ध कार्य रोककर किसी भी तत्काल सार्वजनिक महत्व के मुद्दे पर चर्चा की मांग करता था।

इसके बाद 2000 में नियम में संशोधन करके इसका दायरा सीमित कर दिया। अब नियम 267 का उपयोग केवल उसी दिन की कार्यसूची में शामिल विषय से संबंधित नियम को निलंबित करने के लिए हो सकता है।

किसी नए या असूचीबद्ध विषय पर चर्चा शुरू करने के लिए इसका उपयोग नहीं हो सकता।

नियम

क्या कभी पहले भी हुआ है इसका उपयोग?

इस नियम के तहत आखिरी बार नवंबर 2016 में चर्चा की अनुमति दी गई थी। तब उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति मोहम्मद हामिद अंसारी थे।

उन्होंने नोटबंदी के मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत सूचीबद्ध कार्य स्थगित कर दिया था।

हालांकि, इसके बाद 2017-2022 के दौरान सभापति एम वेंकैया नायडू के कार्यकाल में नियम 267 के तहत को नोटिस नहीं स्वीकारा गया।

जगदीप धनखड़ के समय भी कई नोटिस दिए गए, लेकिन स्वीकार नहीं हुए।

ट्विटर पोस्ट

खड़गे ने उठाया मुद्दा

ADVERTISEMENT