पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला तो क्या होगा?
क्या है खबर?
4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। सबसे ज्यादा चर्चा में पश्चिम बंगाल है, जहां भाजपा पहली बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सामने सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है। ज्यादातर एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं अगर किसी को बहुमत नहीं मिला तो क्या हो सकता है।
एग्जिट पोल
क्या कह रहे हैं एग्जिट पोल?
ज्यादातर एग्जिट पोल में संभावना जताई गई है कि TMC-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। पीपुल्स पल्स ने TMC को 177-187 और भाजपा को 95-110, मैट्रिज ने TMC को 125-140 और भाजपा को 146-161, पी मार्क ने TMC को 118-138 और भाजपा को 150-175, चाणक्य ने TMC को 130-140 और भाजपा को 150-160 सीटें मिलने की संभावना जताई है। 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा और 2 में TMC सरकार बनने का अनुमान है।
आशंका
त्रिशंकु विधानसभा के क्यों हैं आसार?
बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 है। अगर मेट्रिज का पोल सच साबित होता है, तो 146 सीटें मिलने पर भाजपा बहुमत से दूर रह जाएगी। पीमार्क के अनुसार, भाजपा को 150-175 और TMC को 118-138 सीटें मिल सकती हैं। ये भी बहुमत से केवल 2 ज्यादा है। बड़ी बात ये है कि लोकप्रिय सर्वे एजेंसियों में शामिल एक्सिस माय इंडिया ने अनुमान ही जारी नहीं किए, जो संकेत है कि मतदाताओं ने खुलकर कुछ नहीं कहा है।
बहुमत
अगर किसी को बहुमत नहीं मिला तो क्या होगा?
अगर किसी भी पार्टी को 148 सीटें नहीं मिली तो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति हो जाएगी। ऐसे में राज्यपाल की भूमिका अहम होगी और वे सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का प्रयास करने के लिए आमंत्रित करेंगे। जो भी पार्टी सरकार बनाने का दावा करेगी, उसे सदन में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। अगर फ्लोर टेस्ट में फेल हो गए तो अस्थायी तौर पर राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है।
मायने
त्रिशंकु विधानसभा के पार्टियों के लिए क्या मायने होंगे?
त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में भाजपा भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे, लेकिन उसे सहयोगियों की जरूरत होगी। इससे उस राज्य में उसका नियंत्रण सीमित हो जाएगा, जहां पार्टी ममता बनर्जी से सत्ता छीनने की कोशिश कर रही है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी बनना ही भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। TMC के लिए यह विपक्षी एकता की परीक्षा होगी। अगर कांग्रेस और लेफ्ट साथ दें, तो पिछड़ने के बावजूद वो सत्ता बरकरार रख सकती है।
कांग्रेस
क्या TMC को समर्थन देगी कांग्रेस?
एग्जिट पोल के बाद जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछा गया कि क्या पश्चिम बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में कांग्रेस TMC का समर्थन करेगी? इस पर उन्होंने कहा, "हम देखेंगे; अभी कुछ कहना ठीक नहीं होगा, स्पष्ट स्थिति जानने के लिए 2 दिन इंतजार करते हैं।" हालांकि, TMC प्रवक्ता शांतनु सेन का कहना है कि पार्टी अपने दम पर सरकार बनाएगी और किसी के साथ गठबंधन की जरूरत नहीं पड़ेगी।