पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस ने जारी की 284 उम्मीदवारों की सूची, ममता बनर्जी के सामने कौन?
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राज्य की कुल 294 सीटों में से 284 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया है। शनिवार को दिल्ली में पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची को मंजूरी दी गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल और पश्चिम बंगाल के कई नेताओं ने हिस्सा लिया।
उम्मीदवार
बहरामपुर से चुनाव लड़ेंगे अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह मौसम नूर को मालतीपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। बड़ी बात यह है कि पार्टी ने भवानीपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदीप प्रसाद को मैदान में उतारा है। हेमताबाद से अनामिका राय, जंगीपुर से मोहम्मद इमरान अली, तूफानगंज से देबेंद्रनाथ और दिनहाटा से हरिहर राय को उम्मीदवार बनाया है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पूरी सूची
The Central Election Committee of the Congress has selected the following persons as party candidates for the elections to the West Bengal Legislative Assembly 👇 pic.twitter.com/8DIjEqNVrR
— Congress (@INCIndia) March 29, 2026
बयान
व्यापक जांच-पड़ताल के बाद किया गया उम्मीदवारों का चयन
CEC की बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि मजबूत चुनावी रणनीति सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों का चयन व्यापक जांच-पड़ताल और परामर्श के बाद किया गया है। उन्होंने कहा, "294 सीटों के लिए लगभग 2,500 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद आज मुख्य चुनाव आयुक्त की बैठक हुई, जिसमें इस पर चर्चा की गई। हमारे उम्मीदवार सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और हम पूरी ताकत के साथ प्रचार करेंगे।"
चुनाव
पश्चिम बंगाल में कब होंगे चुनाव?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 2 चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। इसके बाद चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी वाम मोर्चा को पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट हासिल करने में सफलता नहीं मिली थी। ऐसे में इस बार कांग्रेस पर अपनी साख मजबूत करने का दबाव होगा।