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उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक
उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक

उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक

लेखन गजेंद्र
May 19, 2026
08:42 pm

क्या है खबर?

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सेवानिवृत्त मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। उत्तराखंड सरकार ने उनके निधन पर 19 से 21 मई तक 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और आधिकारिक कार्यक्रम रद्द रहेंगे। खंडूरी की अंत्येष्टि बुधवार को पुलिस सम्मान के साथ होगी। राज्य के सभी सरकारी कार्यालय एक दिन बंद रहेंगे।

शोक

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

खंडूरी के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर लिखा कि भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जनसेवा के लिए ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त कर उत्तराखंड के विकास के प्रति खंडूरी के समर्पण और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनके प्रेरणादायक कार्यकाल की सराहना की। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खंडूरी के अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय सेवा की प्रशंसा की।

पहचान

राजनीति में आने से पहले सेना में थे खंडूरी

खंडूरी का जन्म 1 अक्टूबर, 1934 को देहरादून में हुआ था। उन्होंने राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना में 1954 से 1991 तक करीब 4 दशक तक सेवा की। वे मेजर जनरल के पद तक पहुंचे और सेना में रहते हुए, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान एक रेजिमेंट की कमान संभाली थी। 'जनरल साहब' के नाम से मशहूर खंडूरी को उनकी विशिष्ट सैन्य सेवा के लिए 1983 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।

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राजनीति

2 बार संभाली राज्य की कमान

खंडूरी ने 1991 में राजनीति में प्रवेश किया और पहली बार गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का खाता खोला। इसके बाद वे 1998, 1999, 2004 और 2014 में अंतिम बार चुनाव जीते। वर्ष 2000 से 2004 के बीच, वे प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कैबिनेट में राजमार्ग मंत्री थे। वे पहली बार 2007 से 2009 तक मुख्यमंत्री रहे थे। हालांकि, चुनावों में भाजपा के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। वे 2011-2012 तक दोबारा मुख्यमंत्री बने थे।

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