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तमिलनाडु में एक वोट से जीते TVK विधायक को झटका, विधानसभा कार्यवाही में नहीं लेंगे भाग
तमिलनाडु में एक वोट से जीते TVK विधायक आर सीनिवास सेतुपति को मद्रास हाई कोर्ट से झटका

तमिलनाडु में एक वोट से जीते TVK विधायक को झटका, विधानसभा कार्यवाही में नहीं लेंगे भाग

लेखन गजेंद्र
May 12, 2026
11:46 am

क्या है खबर?

तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में एक वोट से जीत दर्ज करने वाले तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायक आर सीनिवास सेतुपति को झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने तिरुप्पत्तूर से विधायक सेतुपति को मंगलवार को होने वाली विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है। कोर्ट ने यह आदेश तिरुप्पत्तूर निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रतिद्वंद्वी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन की याचिका पर दिया। पेरियाकरुप्पन सेतुपति से मात्र एक वोट से हारे हैं।

आदेश

DMK उम्मीदवार ने कोर्ट में क्या कहा?

पेरियाकरुप्पन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि डाक से भेजा गया एक मतपत्र गलत निर्वाचन क्षेत्र में चला गया, जिससे उसकी गिनती नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों की ओर से इस चूक के संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है। न्यायमूर्ति विक्टोरिया गौरी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार की पीठ ने मंगलवार को कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है। पीठ ने सेतुपति को अगले आदेश तक सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है।

चुनाव

तमिलनाडु में तिरुप्पत्तूर नाम से 2 विधानसभा क्षेत्र

DMK नेता पेरियाकरुप्पन ने तर्क दिया कि विवादित डाक मतपत्र उनके तिरुप्पत्तूर-185 के लिए था, लेकिन गलती से अन्य तिरुप्पत्तूर-50 भेज दिया गया और वहां खारिज कर दिया गया। तमिलनाडु में तिरुप्पत्तूर नाम से 2 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिसमें एक तिरुप्पत्तूर-50 और दूसरा तिरुप्पत्तूर-185 है। दोनों ही सीटों पर TVK उम्मीदवार जीते हैं। हालांकि, तिरुप्पत्तूर-185 में जीत का अंतर एक वोट है और 50 में 48,263 है। कोर्ट ने मामले पर चुनाव आयोग से हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

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आदेश

चुनाव सामग्री सुरक्षित रखने का आदेश

कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि तिरुप्पत्तूर विधानसभा क्षेत्र संख्या-185 से संबंधित कोई डाक मतपत्र तिरुप्पत्तूर विधानसभा क्षेत्र संख्या-50 में प्राप्त हुआ हो, उसे सीलबंद, सुरक्षित और संरक्षित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने मतगणना, डाक मतपत्रों की जांच, डाक मतपत्रों की अस्वीकृति और पुनर्सत्यापन से संबंधित वीडियो फुटेज को उसके मूल इलेक्ट्रॉनिक रूप में बैकअप प्रतियों के साथ संरक्षित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने ऐसी सामग्री को नष्ट करने, स्थानांतरित करने से प्रतिबंधित किया है।

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