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उत्तर प्रदेश: अखिलेश यादव की भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ी मार्च, पुलिस ने रोका
अखिलेश यादव महंगाई और बेरोजगारी आदि मुद्दों पर मार्च निकाल रहे थे

उत्तर प्रदेश: अखिलेश यादव की भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ी मार्च, पुलिस ने रोका

Sep 19, 2022
12:46 pm

क्या है खबर?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने जनता से जुड़े तमाम मुद्दों पर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मार्च निकालने की कोशिश की। ये मार्च सपा कार्यालय से लेकर विधानसभा तक होनी थी, लेकिन लगभग 100 मीटर चलने पर ही पुलिस ने इसे रोक लिया। पुलिस ने कहा है कि सपा को नियोजित रास्ते से मार्च निकालने की अनुमति नहीं है। अभी सपा कार्यकर्ता अपने कार्यालय वापस लौट गए हैं।

धरना

पुलिस के रोकने पर धरने पर बैठे अखिलेश

रविवार को हुई सपा की बैठक में सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने पर विधानसभा तक मार्च निकालने का फैसला लिया गया था। लेकिन आज जैसे ही अखिलेश यादव अन्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मार्च पर निकले, लगभग 100 मीटर दूर ही उन्हें पुलिस के बैरिकेड्स का सामना करना पड़ गया। पुलिस के रोकने पर अखिलेश और अन्य नेता वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

हमला

सपा ने कहा- लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा की दमनकारी सरकार

मार्च रोके जाने पर सपा ने ट्वीट करते हुए कहा कि भाजपा की दमनकारी सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है और सपा को जनता के मुद्दे उठाने से रोक रही है। मार्च में भी अखिलेश और अन्य नेता ऐसी तख्तियों के साथ दिखे जिनमें भाजपा सरकार पर निशाना साधा गया था। अखिलेश के हाथ में जो तख्ती थी, उस पर 'बढ़ते दामों ने मचाया हाहाकार, झूठे चला रहे यूपी की सरकार' लिखा हुआ था।

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बयान

पुलिस ने बताया क्यों रोकी गई सपा की मार्च

मार्च रोके जाने पर बयान जारी करते हुए जॉइंट पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने कहा कि सपा को मार्च के लिए एक रास्ता दिया गया था ताकि ट्रैफिक में कोई समस्या नहीं आए, लेकिन पार्टी ने उस रास्ते का पालन करने से इनकार कर दिया और दूसरे रास्ते से मार्च निकालने की कोशिश की, जिसके कारण उन्हें रोकना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सपा तय रास्ते से मार्च निकालती है तो पुलिस उन्हें नहीं रोकेगी।

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इनकार

सपा ने मार्च का रास्ता बदलने से किया इनकार

पुलिस के बयान के बावजूद सपा ने अपनी मार्च का रास्ता बदलने से इनकार कर दिया है। पार्टी ने कहा कि वह राजभवन और जनरल पोस्ट ऑफिस स्थित गांधी प्रतिमा से होते हुए ही विधानसभा तक मार्च निकालेगी। हालांकि अभी के लिए पार्टी कार्यकर्ता और नेता कार्यालय वापस लौट गए हैं। सपा अपनी मार्च में जो मुद्दे उठा रही है, उनमें महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध और राज्य में खराब कानून-व्यवस्था आदि शामिल हैं।

पलटवार

योगी आदित्यनाथ ने किया सपा पर पलटवार

मामले में सपा पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा नेता कानून-व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "अगर कोई पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से सवाल पूछती है तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। समाजवादी पार्टी को मार्च की अनुमति लेनी चाहिए ताकि किसी को भी नुकसान न हो। लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं से कानून-व्यवस्था का पालन करने की उम्मीद करना ही बेईमानी है।"

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