सोनिया गांधी बोलीं- मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के सामाजिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुंचा
क्या है खबर?
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र और संस्थाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। अपनी पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' के विमोचन से पहले द हिंदू को दिए साक्षात्कार में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने दावा किया कि लोग देश को हुए नुकसान को महसूस करने लगे हैं और मौजूदा स्थिति को लेकर उनकी बेचैनी बढ़ रही है।
बयान
सोनिया ने कहा- व्यवस्थाओं को पहले की तरह करने में समय लगेगा
सोनिया ने कहा, "पिछले 12 वर्षों में हमारे देश के सामाजिक ताने-बाने, लोकतंत्र और संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। इस सरकार के सत्ता से जाने के बाद भी हमारी व्यवस्थाओं को पहले की तरह फिर से बेहतर और मजबूत बनाने में समय लगेगा। इसके लिए राजनीतिक दलों को भी काफी प्रयास करने होंगे। लेकिन मैं आशावादी हूं और मुझे विश्वास है कि भारत के लोग सुशासन की वापसी का स्वागत करेंगे।"
आपातकाल
आपातकाल को लेकर कहा- सब सांविधानिक रूप से किया गया
1975 में लगाए गए आपातकाल को लेकर भी सोनिया ने अपनी राय रखी।
उन्होंने कहा, "आपातकाल के बाद ही मुझे पता चला कि उस दौरान वास्तव में क्या हो रहा था और हालात कितने गंभीर थे। हां, लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाई गई थी और बंदी प्रत्यक्षीकरण के अधिकार को भी निलंबित कर दिया गया था, लेकिन यह सब सांविधानिक तरीके से किया गया था। इंदिरा गांधी तेजी से बिगड़ती परिस्थितियों से निपटने की कोशिश कर रही थीं।"