महिला आरक्षण विधेयक के लिए सरकार 16 से 18 अप्रैल तक बुलाएगी संसद का विशेष सत्र
क्या है खबर?
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। संसद का मौजूदा बजट सत्र गुरुवार 2 अप्रैल को समाप्त होना है, लेकिन केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे अनिश्चितकाल तक स्थगित न करने का संकेत दिया, जिसके बाद हंगामा हुआ। संभवत: केंद्र 16, 17, 18 अप्रैल को सत्र बुलाएगी, ताकि महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े जरूरी संशोधनों को पास कराया जा सके।
हंगामा
28 जनवरी को शुरू हुआ था बजट सत्र
बजट सत्र 2 चरणों में शुरू हुआ था। पहला सत्र 28 जनवरी से 13 फरवरी और दूसरा सत्र 9 मार्च से 2 अप्रैल तक था। आज सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होनी थी। इस बीच, खबर आई कि सरकार सदन की कार्यवाही 2 से 3 दिन बढ़ा सकती है, जिसकी घोषणा गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति करेंगे। संभावना है कि सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन करके महिला आरक्षण विधेयक का रास्ता साफ करेगी।
हंगामा
कांग्रेस ने चुनाव के बीच विशेष सत्र बुलाने का विरोध किया
रिजिजू ने राज्यसभा में कहा, "हमारे पास कुछ विधेयक हैं, जिन्हें हमने विपक्षी दलों के सदस्यों के साथ साझा किया है। अगले 2-3 हफ्तों में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जाएगा। इसलिए सरकार सदन को स्थगित करने का प्रस्ताव रखती है। हम बहुत जल्द निश्चित अवधि के लिए मिलेंगे।" इसपर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर विधेयक पारित करके राजनीतिक लाभ प्राप्त करना है, जो पूरी तरह आपत्तिजनक है।
चर्चा
रिजिजू ने कहा- तारीखों पर चर्चा न करें
रमेश ने कहा कि राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रिजिजू को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि जिस उद्देश्य का जिक्र किया जा रहा है, उसके लिए सर्वदलीय बैठक चुनाव प्रचार या 29 अप्रैल को चुनाव संपन्न होने के बाद आयोजित की जाए। इसपर रिजिजू ने जवाब दिया, "हमारे लिए इसका किसी विशिष्ट राज्य चुनाव से कोई संबंध नहीं है...यह एक प्रतिबद्धता है। 2029 में आम चुनाव है, इसलिए तारीखों पर चर्चा न करें और सहयोग करें।"
चुनाव
किस राज्य में कब है चुनाव?
पश्चिम बंगाल में 23-29 अप्रैल, तमिलनाडु में 23 अप्रैल, पुडुचेरी, केरल, असम में 9 अप्रैल को मतदान है। परिणाम एकसाथ 4 मई को आएगा। केंद्र ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 2023 में नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित किया था। हालांकि, ये परिसीमन के बाद लागू होगा। ऐसे में सरकार इसमें संशोधन करके 2029 से पहले आरक्षण लागू करेगी। इससे लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 816 होंगी, जिसमें महिलाओं को 273 सीटें मिलेंगी।