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सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री की शपथ ली, बिहार में पहली बार भाजपा संभालेगी कुर्सी
सम्राट चौधरी बने बिहार के मुख्यमंत्री

सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री की शपथ ली, बिहार में पहली बार भाजपा संभालेगी कुर्सी

लेखन गजेंद्र
Apr 15, 2026
11:03 am

क्या है खबर?

बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। यह राज्य के इतिहास में पहला मौका है, जब भाजपा प्रमुख कुर्सी संभालेगी। पटना के लोकभवन (पूर्व नाम राजभवन) में राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने सम्राट को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सम्राट बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं। उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री बने हैं।

मंत्रिमंडल

मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण आज नहीं

लोकभवन में बुधवार को केवल मुख्यमंत्री और 2 उपमुख्यमंत्रियों का ही शपथ ग्रहण हुआ है। अभी मंत्रिमंडल के लिए किसी का शपथ ग्रहण नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार की मंत्रिमंडल भंग होने के बाद करीब 33 पद खाली होंगे, जिन्हें अभी भरने की कोई कवायद नहीं की जा रही है। भाजपा और JDU के अलावा अन्य सहयोगी दलों से चर्चा के बाद मंत्रियों को विभाग सौंपने का काम किया जाएगा।

ऐलान

कल हुआ था औपचारिक ऐलान

सम्राट के नाम का औपचारिक ऐलान मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में हुआ था। भाजपा की बैठक में सम्राट का नाम विधायक दल के नेता के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जिस पर सभी विधायकों ने अपना समर्थन दिया। इसके बाद बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में NDA की बैठक हुई, जिसमें नीतीश ने NDA दल के नेता के लिए सम्राट के नाम का प्रस्ताव दिया था।

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पहचान

कौन हैं सम्राट चौधरी?

सम्राट का जन्म 16 नवंबर, 1968 को समाजवादी नेता शकुनी चौधरी और पार्वती देवी के घर हुआ था। उनको 10वीं फेल बताया जाता है, लेकिन सम्राट का कहना है कि उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय (दूरस्थ शिक्षा) से प्री-फाउंडेशन कोर्स (PFC) किया है, जिस पर काफी विवाद होता है। उनकी पत्नी ममता कुमारी हैं। दोनों के एक बेटा और एक बेटी है। सम्राट के पिता कभी लालू प्रसाद यादव के खास थे, लेकिन बाद में नीतीश से जुड़ गए थे।

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सियासत

RJD से सियासत शुरू की और भाजपा में बने मुख्यमंत्री

सम्राट ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ की थी। हालांकि, बाद में JDU में शामिल हो गए थे। सम्राट राबड़ी देवी के कार्यकाल में कृषि मंत्री बने थे, लेकिन तब भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने उनकी कम उम्र को लेकर विवाद खड़ा कर दिया और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। उन्हें 2015 में निलंबित किया गया था, जिसके बाद वह भाजपा में आ गए और दिल्ली तक अपनी मजबूत पकड़ बना ली।

संपत्ति

सम्राट कितने अमीर?

सम्राट ने विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान अपने चुनावी हलफनामे में बताया था कि उनकी कुल संपत्ति करीब 11.35 करोड़ रुपये है। उनके पास करीब 400 ग्राम सोना और 75,000 रुपये की चांदी है। उनके पास एक बोलेरे कार, 4 लाख रुपये की एक NP बोर राइफल, जबकि 2 लाख रुपये की एक रिवॉल्वर है। उनके नाम मुंगेर के तारापुर, मानिकपुर और खजपुरा में करीब 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की कृषि और गैर-कृषि भूमि, पटना में व्यावसायिक इमारत है।

राज

बिहार में नीतीश युग का अंत

सम्राट के शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में नीतीश युग का अंत हो गया है और भाजपा ने नया अध्याय शुरू किया है। सबसे अधिक समय तक 10 बार मुख्यमंत्री रहने का खिताब नीतीश के नाम है। नीतीश 1985 में पहली बार विधायक और 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। वर्ष 2013 से 2024 के बीच उन्होंने कई बार गठबंधन बदला। अब नीतीश राज्यसभा सांसद हैं।

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