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कौन हैं भाजपा नेता सम्राट चौधरी, जो बिहार में बनेंगे भाजपा के पहले मुख्यमंत्री?
बिहार में मौजूदा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बनेंगे नए मुख्यमंत्री

कौन हैं भाजपा नेता सम्राट चौधरी, जो बिहार में बनेंगे भाजपा के पहले मुख्यमंत्री?

Apr 14, 2026
04:26 pm

क्या है खबर?

बिहार में नए राजनीतिक दौर की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे दिया हैं। अब राज्य में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाई जाएगी। भाजपा की ओर से मौजूदा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। केंद्रीय मंत्री और बिहार पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में सम्राट के नाम पर सर्मसम्मति से मुहर लगाई गई है। आइए सम्राट के बारे में जानते हैं।

परिचय

कौन हैं सम्राट चौधरी?

सम्राट का जन्म 16 नवंबर, 1968 को राज्य के दिग्गज समाजवादी नेता शकुनी चौधरी और पार्वती देवी के घर में हुआ था। उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय (दूरस्थ शिक्षा) से प्री-फाउंडेशन कोर्स (PFC) किया है, लेकिन इस पर विवाद बना हुआ है। उनका विवाह ममता कुमारी से हुआ है। उनके एक बेटा और एक बेटी है। उनके पिता शकुनी कभी लालू प्रसाद यादव के खास हुआ करते थे, लेकिन बाद में वह नीतीश कुमार से साथ आ गए।

राजनीति

सम्राट ने RJD से किया था सियासत में आगाज

सम्राट को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता शकुनी चौधरी की गिनती राज्य के बड़े नेताओं में होती है। सम्राट ने अपने पिता के सानिध्य में ही राजनीति की शुरुआत की थी। हैरानी की बात यह है कि जिस राष्ट्रीय जनता दल (RJD), लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का सम्राट विरोध करते हैं, उन्हीं लालू यादव की पाठशाला में सम्राट चौधरी ने राजनीति का शुरुआती ज्ञान लिया था। उन्होंने RJD से ही अपनी राजनीति की शुरुआत की थी।

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बर्खास्त

उम्र विवाद में हुए मंत्रिमंडल से बर्खास्त

सम्राट को साल 1999 में राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली तत्कालीन RJD सरकार में कृषि राज्य मंत्री बनाया था। हालांकि, उनकी उम्र को लेकर हुए विवाद के कारण राज्यपाल ने सूरजभान ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उस समय भाजपा ने ही उनकी उम्र को लेकर विरोध करते हुए बड़ा विवाद खड़ा किया था, लेकिन आज वह उसी भाजपा की ओर से राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

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दावा

हलफनामे में किया था नाबालिग होने का दावा

राज्यपाल ने विज्ञप्ति में कहा था कि सम्राट के दस्तावेज में उनकी उम्र 26 साल है और उनके स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट में 31 साल है। सम्राट ने हत्या के एक मामले में हलफनामे में 1995 में दावा किया था कि वह तब नाबालिग थे। समता पार्टी के नेता रघुनाथ झा और पीके सिन्हा ने उनकी उम्र के 25 साल से कम होने का दावा कर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के बाद सम्राट को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया गया था।

भाजपा

2018 में भाजपा में शामिल हुए थे सम्राट

सम्राट ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल के साथ की थी। हालांकि, बाद में भी जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल हो गए थे। 2014 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी जगह पर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया था, तब सम्राट मांझी की सरकार में मंत्री रहे थे। हालांकि, 2015 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। उसके बाद 2018 में वह JDU को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

उदय

भाजपा में हुआ सम्राट का उदय

भाजपा में शामिल होने के बाद सम्राट को राज्य उपाध्यक्ष बनाया गया और बाद में उन्हें विधान परिषद में शामिल किया गया। 2020 के विधानसभा चुनावों में NDA की जीत के बाद वे नीतीश सरकार में मंत्री बने। मार्च 2025 में उन्हें संजय जयसवाल के स्थान पर प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। नीतीश के मुखर आलोचक रहे सम्राट ने JDU के भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद सत्ता में वापसी तक पगड़ी पहनने का प्रण लिया था।

मजबूती

वर्तमान में भाजपा के मजबूत नेता हैं सम्राट

सम्राट वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और गृह मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। उन्हें बिहार में भाजपा के प्रमुख OBC नेता के रूप में देखा जाता है, जहां पार्टी अपने पारंपरिक उच्च जाति के आधार से परे विस्तार करने की कोशिश में है। पिछले 7 सालों में पार्टी के भीतर उनका उदय तेजी से हुआ है। इस साल की शुरुआत में उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया और वे नीतीश के नेतृत्व वाली NDA सरकार में उपमुख्यमंत्री बने।

उपलब्धि

मुख्यमंत्री बनते ही खास उपलब्धि हासिल करेंगे सम्राट

सम्राट का राजनीतिक जीवन भी काफी कौतूहल भर रहा है। वह संभवत पहले ऐसे मुख्यमंत्री होंगे, जो मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद इस ऊंचाई तक पहुंचेंगे। मंत्रिमंडल से बर्खास्ती के बाद उनके खिलाफ फर्जी और गलत जानकारी वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने का मामला भी दर्ज हुआ था और उसमें कार्रवाई हुई थी। इसी तरह सम्राट बिहार के दूसरे ऐसे नेता होंगे, जो उपमुख्यमंत्री रहने के बाद मुख्यमंत्री बनेंगे। उनसे पहले कर्पूरी ठाकुर ऐसा कर चुके हैं।

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