ब्लू ओरिजन के रॉकेट में विस्फोट से नासा के चंद्र मिशन पर क्या पड़ेगा असर?
क्या है खबर?
जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजन को बड़ा झटका लगा है। कंपनी के न्यू ग्लेन रॉकेट में फ्लोरिडा के लॉन्च पैड पर टेस्टिंग के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन इस घटना ने नासा के चंद्र मिशन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। न्यू ग्लेन रॉकेट को आने वाले कई अहम अंतरिक्ष मिशनों में इस्तेमाल किया जाना था, इसलिए इस विस्फोट पर सबकी नजर बनी हुई है।
असर
चंद्र मिशन की टाइमलाइन पर असर
नासा ब्लू ओरिजन के न्यू ग्लेन रॉकेट के जरिए अपने चंद्र मिशन को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी का ब्लू मून लैंडर 2026 में चांद पर भेजने का लक्ष्य रखा गया था। अब रॉकेट और लॉन्च पैड दोनों को नुकसान होने से इस मिशन में देरी की आशंका बढ़ गई है। इस घटना से चांद की सतह पर आगे होने वाले वैज्ञानिक मिशनों और तैयारी के काम की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
चिंता
2028 के मिशन पर भी बढ़ी चिंता
नासा ने 2028 तक अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से चांद पर भेजने की योजना बनाई है। ब्लू ओरिजन को इसके लिए लैंडर और चंद्रमा पर चलने वाले खास रोवर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी मिली थी। न्यू ग्लेन में हुए धमाके के बाद इन तैयारियों पर असर पड़ सकता है। अगर दोबारा टेस्ट और लॉन्च में ज्यादा समय लगा, तो नासा के तय कार्यक्रम में देरी हो सकती है और आगे की रणनीति बदलनी पड़ सकती है।
तैयारी
बढ़ेगा दबाव, नजर आगे की तैयारी पर
ब्लू ओरिजन के सामने अब रॉकेट की जांच और लॉन्च पैड को दोबारा तैयार करने की बड़ी चुनौती है। वहीं नासा पर भी समय के भीतर अपने मिशन पूरे करने का दबाव बढ़ गया है। अमेरिका चांद पर अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता है, जबकि चीन भी तेजी से तैयारी कर रहा है। ऐसे में आने वाले महीनों में ब्लू ओरिजिन की वापसी और नासा की अगली योजना पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।