राहुल गांधी ने संसद परिसर में कहा- सरकार को सिर्फ एक लाइन का डर लेकिन बोलूंगा
क्या है खबर?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बात की और सदन में अपनी अधूरी बात को उठाया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ के साथ संवाद का जिक्र किया है, जिसे वह सदन में उठा रहे थे, लेकिन उनको बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार डरी हुई है।
बयान
किताब में लिखा है कि 56 इंच की छाती को क्या हुआ था- राहुल
राहुल ने कहा, "नरवणेजी ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री और राजनाथजी के बारे में साफ लिखा है। ये एक लेख में आया है, मैं उसको कोट कर रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दे रहे। मैं नहीं बोल रहा, नरवणेजी ने किताब लिखी है। वो डरे हुए क्योंकि वो सामने आया तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की सच्चाई सामने आ जाएगी, जब चीन हमारे सामने खड़ा था, तब 56 इंच की छाती को क्या हुआ था। उसमें सब है।"
बयान
ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है- राहुल
राहुल ने पत्रकारों से कहा, "ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है और इसमें सेना प्रमुख के शब्द हैं। सदन में मैं यही बताना चाह रहा हूं कि सेना प्रमुख ने उनसे क्या बोला है, मोदीजी ने उनको क्या कहा, राजनाथ सिंह जी ने उनको क्या आदेश दिया। बस मैं यही बोलना चाह रहा हूं।" राहुल बोले, "सिर्फ एक लाइन है, जिससे प्रधानमंत्री, राजनाथ जी और पूरी सरकार डरी हुई है। मैं वो लाइन अंदर बोलूंगा, कोई नहीं रोकेगा मुझे।"
ट्विटर पोस्ट
राहुल गांधी का बयान
पूर्व सेना प्रमुख नरवाणे की अप्रकाशित किताब से प्राप्त उद्धरण के आधार नेता विपक्ष राहुल गांधी का आशय ये समझ आ रहा है कि देश के राजनीतिक नेतृत्व के स्तर पर फ़ैसले में देरी की गई और साफ़ दिशा निर्देश नहीं दिए गए। pic.twitter.com/zzIb5ePRIj
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) February 2, 2026
ट्विटर पोस्ट
राहुल बोले- एक लाइन का डर
"नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और पूरी सरकार सिर्फ एक लाइन से डरी हुई है और वो लाइन मैं संसद में बोलूंगा, मुझे कोई नहीं रोकेगा।"
— Krishna Kant (@kkjourno) February 2, 2026
- राहुल गांधी pic.twitter.com/nnzAwlul1R
विवाद
क्या है मामला?
राहुल गांधी को सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलना था। इसी दौरान राहुल ने नरवणे की अप्रकाशित किताब का अंश बोला, जो 'द कारवां' पत्रिका में छपा है। इसको लेकर राजनाथ सिंह, अमित शाह, किरेन रिजिजू और निशिकांत दुबे ने आपत्ति जताई। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नियम का हवाला देते हुए राहुल को बोलने से रोक दिया। कई बार माइक बंद किया गया और बाद में सभा स्थगित कर दी गई।