राहुल गांधी ने लोकसभा में चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया; राजनाथ और शाह भड़के, सदन स्थगित
क्या है खबर?
लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया, जिसको लेकर हंगामा खड़ा हो गया। दरअसल, कांग्रेस सांसद ने सदन में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक का अंश पढ़ते हुए लद्दाख में चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया था। इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भड़क गए। हंगामे के बीच सदन कल तक स्थगित कर दी गई।
बयान
किस बात पर हुआ हंगामा?
राहुल गांधी ने नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को कोट कर कहा, "चार चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस रहे थे। वे डोकलाम की एक पहाड़ी पर कब्जा कर रहे थे। और सेना प्रमुख लिखते हैं कि टैंक कैलाश पर्वतमाला से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे।" राहुल के इतना कहते ही रक्षा मंत्री और गृह मंत्री खड़े हो गए और किताब अप्रकाशित होने का हवाला देकर इस पर बयान देने से मना किया। इसके बाद हंगामा बढ़ गया।
विरोध
राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने सदन में इसका विरोध करते हुए कहा कि वह "अप्रकाशित" पुस्तक से उद्धरण नहीं दे सकते और उनसे सदन के समक्ष इसकी प्रामाणिकता साबित करने को कहा। उन्होंने कहा, "नेता प्रतिपक्ष को इस विषय पर बोलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए...मैं चाहता हूं कि लोकसभा के विपक्ष (राहुल गांधी) सदन के समक्ष वह पुस्तक प्रस्तुत करें जिसका वे हवाला दे रहे हैं, क्योंकि जिस पुस्तक का वे जिक्र कर रहे हैं वह प्रकाशित नहीं हुई है।"
बहस
अमित शाह ने भी विरोध किया
इस बीच शाह ने कहा कि राहुल गांधी जो बता कह रहे हैं वह एक पत्रिका में प्रकाशित हुई है और नरवणे जी ने ऐसा कुछ नहीं कहा और पत्रिका कुछ भी लिख सकता है। इस पर राहुल ने कहा कि यह सब नरवणे जी ने कहा है और उनकी किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया गया है। इस पर शाह बोले कि जो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, उसका जिक्र कैसे किया जा सकता है।
सदन
लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार टोका, सभा कल तक स्थगित
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों का हवाला देकर राहुल गांधी को किताब का अंश पढ़ने से मना किया, जिसके बाद कांग्रेस नेता ने अपने बयान में चीन और प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। इसके बाद राजनाथ सिंह, शाह, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, निशिकांत दुबे ने टोकना शुरू किया। स्पीकर बिरला ने नियम का हवाला देकर आपत्ति जताई। इस हंगामे के बीच स्पीकर ने लोकसभा कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
ट्विटर पोस्ट
राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा
LIVE: Motion of Thanks | 18th Lok Sabha https://t.co/shbuLNv76o
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 2, 2026
बहस
शाह और राहुल में बहस, अखिलेश यादव भी बीच में बोले
शाह ने कहा कि अखबारों की कतरनें, किताबें या ऐसी अन्य चीजें जो प्रामाणिक नहीं हैं, उन्हें सदन में उद्धृत नहीं किया जा सकता है। उन्होंने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे किताब का जिक्र किए बिना अपना भाषण जारी रखें। राहुल ने इस बात पर जोर दिया कि 'द कारवां' पत्रिका में पुस्तक के 100 प्रतिशत प्रामाणिक अंश हैं। हंगामे के बीच अखिलेश यादव ने भी स्पीकर से राहुल के भाषण पर रोक न लगाने का अनुरोध किया।
मुद्दा
क्या है नरवणे की किताब, जिसको राहुल ने सदन में पेश किया?
जनरल नरवणे ने अपनी आत्मकथा 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' में डोकलाम विवाद और गलवान घाटी के दौरान हुई घटनाओं, निर्णयों और राजनीतिक-सैन्य स्तर की चर्चाओं का जिक्र किया है। किताब अभी सरकार की अनुमति न मिलने के कारण प्रकाशित नहीं हो सकी है। हालांकि, किताब का अंश और नरवणे की बातचीत को 'द कारवां' पत्रिका ने फरवरी अंक में प्रकाशित किया है। किताब में नरवणे, प्रधानमंत्री, राजनाथ की बातचीत का जिक्र है। राहुल ने इसी को सदन में उठाया था।
विवाद
डोकलाम विवाद और गलवान घाटी विवाद क्या है?
भारत, चीन और भूटान के त्रिकोणीय जंक्शन पर स्थित डोकलाम, 2017 में भारत-चीन गतिरोध का स्थल था। यहां चीन ने सड़क बनाना शुरू किया था, जिसको लेकर छोटी-मोटी झड़प हुई थी। इसके बाद 2020 में, पूर्वी लद्दाख का गलवान दोनों पक्षों के बीच एक घातक झड़प का स्थल बन गया, जिसमें खतरनाक तनाव बढ़ने के कारण 20 भारतीय सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई थी। इस विवाद की वजह से चीन-भारत कूटनीतिक रिश्ते प्रभावित थे, जो पिछले साल नरम हुए।