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क्या प्रधानमंत्री मोदी ने अडाणी के लिए की नॉर्वे की यात्रा? राहुल गांधी का बड़ा दावा
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा पर सवाल उठाया

क्या प्रधानमंत्री मोदी ने अडाणी के लिए की नॉर्वे की यात्रा? राहुल गांधी का बड़ा दावा

लेखन गजेंद्र
May 19, 2026
04:07 pm

क्या है खबर?

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा पर सवाल उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के दौरे को अडाणी समूह के प्रमुख और अरबपति गौतम अडाणी से जोड़ा है। कांग्रेस नेता राहुल ने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या नॉर्वे ने अपने पेंशन फंड की ब्लैक लिस्ट से अडाणी को हटाने के आपके निजी अनुरोध को मान लिया? राहुल ने इस संबंध में 2 तारीखों वाली घटनाओं का जिक्र किया है।

दावा

राहुल गांधी ने उठाया 43 साल में किसी प्रधानमंत्री की यात्रा पर सवाल

राहुल ने एक पोस्टर साझा किया है, जिसमें 27 फरवरी, 2026 और 18 मई, 2026 की घटनाओं की समाचार हेडिंग का जिक्र है। 27 फरवरी की घटना में लिखा है, "नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने अपने पोर्टफोलियो से अडाणी ग्रीन एनर्जी को हटा दिया है।" इसके बाद, 18 मई की घटना में लिखा है, "प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक नॉर्वे दौरा शुरू किया। 43 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा है।"

ट्विटर पोस्ट

राहुल गांधी का पोस्ट

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निशाना

पहले भी आरोप लगाती रही है कांग्रेस

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल ने हमेशा यह दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी जहां-जहां जाते हैं, वहां अडाणी को फायदा होता है, जिसे वे 'अडाणी विदेश नीति' भी कहते हैं। यह आरोप हिंडनबर्ग की 2023 की रिपोर्ट और अमेरिका में अडाणी के खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के मामले में और तेज हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश, श्रीलंका, केन्या समेत कई देशों में यात्रा कर अडाणी समूह को फायदा पहुंचाया है।

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नॉर्वे

नॉर्वे में अडाणी से जुड़ा क्या है मामला?

द हिंदू के मुताबिक, नॉर्वे का 1.2 ट्रिलियन डॉलर (करीब 11.58 लाख करोड़ रुपये) का संप्रभु धन कोष, दुनिया का सबसे बड़ा कोष है। उसने वित्तीय अपराध से संबंधों और चिंताओं के कारण अडाणी ग्रीन एनर्जी को अपने पोर्टफोलियो से बाहर किया था। इससे पहले, नॉर्वेज बैंक ने मई 2024 में अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन को अपने पोर्टफोलियो से बाहर किया था। बैंक ने इस निर्णय के लिए 'घोर भ्रष्टाचार या वित्तीय अपराध' को मानदंड बताया था।

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