राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की लोगों से 1 नवंबर को रामलीला मैदान आने की अपील
क्या है खबर?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ होने वाली महारैली के लिए राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के नेताओं ने लोगों का आह्वान किया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल ने एक्स पर वीडियो साझा कर कहा कि जो लोग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार से तंग हैं और सब लोग जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, उनको 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान आना चाहिए।
अपील
किसी राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं है- राहुल
राहुल ने वीडियो में कहा, "रामलीला मार्च, लोकतंत्र को बचाने, वोट चोरी को रोकने, संविधान को बचाने का मार्च है। यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं- यह हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है।"
उन्होंने कहा कि यहां पुलिस और उनकी लाठियों से डरने की जरूरत नहीं, क्योंकि भाजपा में इतनी हिम्मत नहीं।
उन्होंने अलग-अलग छात्र संगठनों से अपील की कि अगर वे महसूस करते हैं कि भारत में अभिव्यक्ति छीनी जा रही है तो वे भी शामिल हों।
ट्विटर पोस्ट
राहुल गांधी की अपील
नमस्कार,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 29, 2026
चलो दिल्ली रामलीला मार्च, लोकतंत्र को बचाने का, वोट चोरी को रोकने का, संविधान को बचाने का मार्च है।
यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं - यह हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है।
सब लोग जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार से तंग हैं। सब लोग जो लोकतंत्र को बचाना… pic.twitter.com/lH51sK1Dv8
अपील
ममता बनर्जी ने कहा- चुप रहना कोई विकल्प नहीं
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक्स पर लिखा कि रविवार, 1 नवंबर को दोपहर साढ़े 12 बजे रामलीला मैदान में INDIA एकजुट होगा। वोट चोरी के खिलाफ यह लड़ाई, हर भारतीय के चुनने के अधिकार की रक्षा करने की लड़ाई है।
उन्होंने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और नागरिक समाज से अपील की कि वे इस लड़ाई में उनके साथ जुड़ें, क्योंकि जब वोट खतरे में हो, तो चुप रहना कोई विकल्प नहीं है।
अपील
अखिलेश और तेजस्वी का भी समर्थन
बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर दिल्ली चलने की अपील की।
उन्होंने लिखा, 'चुनाव आयोग की मनमानी और में धांधली के विरुद्ध, लोकतंत्र और संविधान बचाने की इस लड़ाई में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ, देश बचाओ रैली में भाग लें।'
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह महारैली में शामिल होंगे।
समर्थन
वकील और सिविल सोसाइटी की अपील
सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने भी गुरुवार को लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कोई राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की रैली नहीं, बल्कि देश और संविधान को बचाने वालों की रैली है।
स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने भी एक्स पर वीडियो साझा कर कहा कि यह अलग-अलग आंदोलन नहीं बल्कि एक आंदोलन हैं, जिसमें पार्टियां, युवा और जन आंदोलन संगठन भी शामिल हैं।
उन्होंने सभी को रामलीला आने का आह्वान किया।
समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी ने भी युवाओं से अपील की
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन करने और उनके इस्तीफे तक डटी रहने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी महारैली को अपना समर्थन दिया है।
CJP की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि ज्ञानू (ज्ञानेश कुमार) को जाना होगा और राष्ट्र सर्वोपरि है, इसलिए पार्टी की ओर से 1 नवंबर को रैली का समर्थन किया जाएगा।
CJP ने कहा कि आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता को वापस लाने के लिए ज्ञानेश का इस्तीफा जरूरी है।