राहुल गांधी बोले- सरकार अमेरिका के आगे झुकी, चुपचाप UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोला
क्या है खबर?
UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर संभावित शुल्क लगाने को लेकर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा सरकार ने चुपचाप UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है। राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिका के आगे झुक रही है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि मोदी सरकार की लूट UPI तक पहुंच गई है।
राहुल का बयान
राहुल बोले- प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर रहे
राहुल ने कहा, 'सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन दुकानदार पर लगने वाला शुल्क आखिर आएगा कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से। अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की शून्य-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है। अमेरिकी व्यापार समझौते की तरह ही प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने आत्मसमर्पण कर रहे हैं।'
खड़गे का बयान
खड़गे ने कहा- सरकार ने बचत तबाह करने की योजना बनाई
खड़गे ने कहा, 'गगनचुंबी महंगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है। थोक महंगाई 10 प्रतिशत के करीब है और भाजपा सरकार ने जनता पर 'डिजिटल पेमेंट टैक्स' लगाकर बची-कुची बचत को भी तबाह करने की योजना बना दी है। वित्त मंत्री ने संसद में कहा था कि UPI पर कोई शुल्क या कर नहीं लगेगा। पर खबरों के मुताबिक, 5,000 के भुगतान पर 25 और 10,000 पर 50 रुपये तक की वसूली की जाएगी। ये सच है?'
सरकार
सरकार जेब पर डाका डालने का नया तरीका खोज रही- खड़गे
खड़गे ने कहा, '10 साल पहले नोटबंदी करके देश की अर्थव्यवस्था को झटका दिया गया। जब नोटबंदी के विनाशकारी नतीजों पर सवाल उठे, तो सरकार ने दलील दी थी कि नोटबंदी डिजिटल भुगतान और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए थोपी गई। MDR की बात करें तो सरकार को क्या यह नहीं पता कि व्यापारी पर पड़ने वाला यह अतिरिक्त बोझ आखिरकार कीमतों के जरिए आम उपभोक्ता की जेब से ही वसूला जाएगा?'
UPI
UPI पर शुल्क से जुड़ा मामला क्या है?
दरअसल, वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है, जिसमें कहा गया है कि 2,000 रुपये तक के UPI भुगतान पर बैंक कोई शुल्क नहीं ले सकते। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान को भी इस छूट में शामिल किया गया है।
हालांकि, 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर शुल्क को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) फैसला लेगी। ये दुकानदारों और कारोबारियों से लिए जाने वाले MDR शुल्क होगा।