LOADING...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया PMO 'सेवा तीर्थ' बनकर तैयार, मकर संक्रांति में होगा प्रवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मकर संक्रांति पर नए PMO में प्रवेश करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया PMO 'सेवा तीर्थ' बनकर तैयार, मकर संक्रांति में होगा प्रवेश

लेखन गजेंद्र
Jan 12, 2026
06:08 pm

क्या है खबर?

देश के प्रधानमंत्री का नया कार्यालय (PMO) बनकर लगभग तैयार हो गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन करेंगे। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बनाए गए नए PMO को 'सेवा तीर्थ-1' नाम दिया गया है, जहां से प्रधानमंत्री देश के रणनीतिक और कूटनीतिक कामों को करेंगे। कार्यालय का अंतिम चरण का कामकाम मंगलवार तक पूरा जाएगा। नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी तैयार किया जा रहा है।

मुहूर्त

उद्घाटन के लिए निकाले गए थे 2 मुहूर्त

नए PMO के उद्घाटन के लिए 2 मुहूर्त निकाले गए थे, जिसमें पहला मकर संक्रांति को था और दूसरा 19 जनवरी से 27 जनवरी के बीच गुप्त नवरात्रि के अवसर पर था। मकर संक्रांति को गुजरात समेत भारत के कई राज्यों में काफी शुभ माना जाता है। इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ जाता है। बता दें, पहले नए PMO का नाम एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव था, लेकिन बाद में इसे बदलकर सेवा तीर्थ किया गया।

उद्घाटन

आजादी के बाद पहली बार बदलेगा कार्यालय

वर्ष 1947 में आजादी के बाद यह पहला मौका होगा, जब भारत के प्रधानमंत्री का कार्यालय बदला जाएगा। यह अभी तक दक्षिण ब्लॉक में स्थित था। सेवा तीर्थ परिसर को PMO के अलावा, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) भी है, जिनमें से प्रत्येक के लिए एक अलग इमारत है। 'सेवा तीर्थ-2' में पहले से ही कैबिनेट सचिवालय स्थित है, जो पिछले साल सितंबर में स्थानांतरित हो गया था, 'सेवा तीर्थ-3' में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) कार्यालय होगा।

Advertisement

भवन

सेंट्रल विस्टा परियोजना

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक के 4 किलोमीटर लंबे राजपथ को विकसित और संवारा जा रहा है। यहां नया संसद भवन और केंद्रीय सचिवालय बन चुका है। आठ में से 3 नए मंत्रालय भवन बन चुके हैं और कई अन्य नई इमारतों का निर्माण कार्य जारी है। महत्वपूर्ण नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में अहम मंत्रालय हैं, जिनको नया भवन मिलेगा। बाद में दोनों ब्लॉक में 'युगे-युगीन भारत' संग्रहालय बनाया जाएगा।

Advertisement