
मोदी का मनमोहन पर निशाना- कुछ लोगों को भारत माता की जय बोलने पर भी आपत्ति
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'भारत माता की जय' के नारों के गलत इस्तेमाल वाले बयान को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा है।
आज भाजपा के संसदीय बोर्ड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज कुछ लोगों को 'भारत माता की जय' बोलने पर भी आपत्ति है।
हालांकि इस दौरान उन्होंने मनमोहन का नाम नहीं लिया, लेकिन इसमें उनका संकेत मनमोहन के बयान की तरफ ही था।
पृष्ठभूमि
मनमोहन सिंह ने क्या कहा था?
मनमोहन सिंह ने 22 फरवरी को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से संबंधित एक किताब के विमोचन के कार्यक्रम में भारत माता की जय के नारों का गलत इस्तेमाल होने की बात कही थी।
उन्होंने कहा था, "ऐसे समय में इस पुस्तक की खास प्रासंगिकता है जब राष्ट्रवाद और भारत माता की जय के नारे का दुरुपयोग भारत का उग्र और विशुद्ध भावनात्मक विचार बनाने के लिए हो रहा है, जिसमें लाखों निवासी और नागरिक शामिल नहीं हैं।"
प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी बोले- कुछ लोगों को भारत माता की जय बोलने में बू आ रही
अब भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में मनमोहन पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि पहले लोग 'वंदे मातरम' का विरोध करते थे लेकिन अब वे 'भारत माता की जय' बोलने का भी विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अब कुछ लोगों को भारत माता की जय बोलने में भी बू आ रही है।"
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब हिंसक भीड़ ने 'भारत माता की जय' बोलते हुए हिंसा की।
संसद
दिल्ली दंगों पर विपक्ष का हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा स्थगित
गौरतलब है कि प्रधानमत्री मोदी ने भाजपा सांसदों से ये अपील ऐसे समय पर की है जब पिछले हफ्ते ही दिल्ली में दंगे हुए थे। इन दंगों में 47 लोगों की मौत हुई है।
भाजपा नेताओं के भड़काऊ बयानों को इन दंगों को एक अहम कारण माना गया था।
ये मामला संसद में भी जोर-शोर से उठा है और विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया है।
अपील
भाजपा नेताओं से शांति और सद्भाव बनाए रखने में आगे रहने की अपील
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा सांसदों से देश में शांति, एकता और सद्भाव बनाए रखने में आगे रहने की अपील भी की।
'सबका साथ, सबका विकास' नारे पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "कुछ लोग देशहित की बजाय अपनी पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं। लेकिन हमारे लिए देशहित पार्टी से ऊपर है। हम सभी देशहित के लिए कार्य करते हैं। विकास हमारा मंत्र है। शांति, एकता और सद्भाव विकास के लिए जरूरी हैं।"