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तमिलनाडु: राज्यपाल ने 2 बार ठुकराया सरकार बनाने का प्रस्ताव, विजय के पास क्या हैं विकल्प?    
थलापति विजय की पार्टी को सबसे ज्यादा लेकिन बहुमत से कम सीटें मिली हैं

तमिलनाडु: राज्यपाल ने 2 बार ठुकराया सरकार बनाने का प्रस्ताव, विजय के पास क्या हैं विकल्प?    

लेखन आबिद खान
May 07, 2026
04:55 pm

क्या है खबर?

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर उठापटक जारी है। थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, लेकिन वो बहुमत से दूर है। उन्होंने आज और बीते दिन 2 बार राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया है, लेकिन राज्यपाल ने दोनों बार उन्हें लौटा दिया है। आइए जानते हैं विजय के पास क्या-क्या विकल्प हैं।

सीटें

सबसे पहले जानिए किसने कितनी सीटें जीती हैं?

TVK ने 108 सीटें जीती हैं। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK)-कांग्रेस गठबंधन के पास 73 सीटें हैं। इनमें DMK की 59, कांग्रेस की 5, विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (VCK), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), (CPI-M) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की 2-2 और देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम की एक सीट है। NDA में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK)ने 47, पट्टाली मक्कल काची (PMK) ने 4 और भाजपा और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMKMNKZ) को एक-एक सीट मिली है।

आंकड़े

विजय को कितने विधायकों का समर्थन है?

सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 है। TVK ने 108 सीटें जीती हैं, जो बहुमत से 10 कम है। कांग्रेस ने विजय को समर्थन दिया है, जिसके 5 विधायक हैं। इस तरह आंकड़ा होता है 113। VCK ने 2 सीटें जीती हैं और विजय को समर्थन के संकेत दिए हैं। इसे मिलाकर भी संख्या 115 हो रही है। बाकी छोटी पार्टियों ने या तो अभी तक कोई संकेत नहीं दिए हैं या स्पष्ट इनकार कर दिया है।

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समर्थन

विजय को समर्थन देने पर छोटी पार्टियों की क्या है राय?

VCK नेता थोल थिरुमावलवन ने कहा कि हालांकि उन्हें और वामपंथी दलों को विजय से समर्थन मांगने वाले पत्र मिले हैं, लेकिन वे बाद में निर्णय लेंगे। वहीं, IUML ने स्पष्ट कहा है कि वह विजय का समर्थन नहीं करेगी। CPI(M) ने गठबंधन के लिए आमंत्रित किए जाने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वो DMK के साथ है। DMKDK ने विजय को समर्थन देने पर अभी तक खुलकर कुछ नहीं कहा है।

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दुविधा

विजय के लिए क्या हैं परेशानियां बढ़ाने वाली बात?

विजय की खुद की पार्टी में से 2 सीटें कम होने वाली हैं। विजय ने 2 विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत दर्ज की। अब उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना होगा। ऐसे में एक सीट कम हो जाएगी। वहीं, पार्टी किसी जीते हुए विधायक को विधानसभा अध्यक्ष चुनेगी। ये नेता बहुमत परीक्षण के दौरान मतदान नहीं कर पाएगा। यानी TVK के पास वास्तविक तौर पर 106 सीटें ही हैं।

राज्यपाल

राज्यपाल ने क्यों खारिज किया सरकार बनाने का प्रस्ताव?

विजय 113 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए राज्यपाल से मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यपाल ने विजय को कहा कि वे बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन दिखाएं। राज्यपाल ने कहा है कि वे राज्य में स्थिर सरकार चाहते हैं। तमिलनाडु के लोक भवन ने एक बयान में कहा कि राज्यपाल ने विजय को समझाया कि "तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।"

कानून

क्या कहता है कानून?

आमतौर पर एक पार्टी या गठबंधन को बहुमत से ज्यादा सीटें न मिलने की स्थिति में राज्यपाल सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाले पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। हालांकि, इस संबंध में फैसला लेने का अधिकार राज्यपाल के पास है। कानूनी विशेषज्ञ विजयन सुब्रमणियन ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि बहुमत के प्रश्न का परीक्षण केवल विधानसभा पटल पर ही किया जाना चाहिए, न कि राज्यपाल के व्यक्तिगत आकलन से।"

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