
बिहार: 25 अगस्त को बहुमत साबित करेंगे नीतीश, भाजपा का स्पीकर होने के कारण देरी
क्या है खबर?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 25 अगस्त को अपना बहुमत साबित करेंगे। इस संबंध में 24 अगस्त से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है।
सत्र के पहले दिन स्पीकर विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी और नया स्पीकर अगले दिन फ्लोर टेस्ट कराएगा।
सिन्हा भाजपा से आते हैं और नीतीश कोई भी खतरा नहीं लेना चाहते, इसलिए उन्होंने सिन्हा को पद से हटाने के बाद ही बहुमत साबित करने का निर्णय लिया है।
अविश्वास प्रस्ताव
सिन्हा के इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद लाया गया अविश्वास प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भाजपा के गठबंधन की सरकार बनने के बावजूद भाजपा विधायक विजय कुमार सिन्हा ने स्पीकर पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।
नियमों के अनुसार, महागठबंधन के 50 विधायकों ने सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए और इसे विधानसभा सचिव को सौंप दिया।
एक JDU नेता ने कहा कि सरकार बदलते ही स्पीकर के इस्तीफे की उम्मीद थी।
नियम
अविश्वास प्रस्ताव पर दो हफ्ते बाद ही हो सकती है वोटिंग
नियमों के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के दो हफ्ते बाद ही इस पर वोटिंग हो सकती है। इस लिहाज से 24 अगस्त को विधानसभा सत्र के पहले दिन सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हो सकेगी और महागठबंधन के लिए उन्हें हटाकर अपना स्पीकर बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।
नया स्पीकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से हो सकता है और नीतीश निश्चिंत होकर 25 अगस्त को अपना बहुमत साबित कर सकेंगे।
आंकड़े
मुश्किल नहीं होगा नीतीश के लिए बहुमत साबित करना
नीतीश के लिए बहुमत साबित करना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 सीट है, वहीं महागठबंधन के पास 164 विधायक हैं।
इनमें RJD के सबसे अधिक 79 विधायक हैं, वहीं JDU के 45, कांग्रेस के 19, कम्युनिस्ट पार्टी (ML-लिबरेशन) के 12 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के चार विधायक हैं।
सरकार से विपक्ष में पहुंची भाजपा के पास 77 विधायक है और बाकी विधायक अन्य छोटी-छोटी पार्टियों के हैं।
पृष्ठभूमि
नीतीश ने मंगलवार को तोड़ा था भाजपा से गठबंधन
बता दें कि पिछले कुछ महीनों से चले आ रहे तकरार के बाद मंगलवार को नीतीश कुमार ने भाजपा से गठबंधन तोड़ते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
अब उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाई है।
बुधवार को उन्होंने रिकॉर्ड आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ RJD नेता तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
उन्होंने 2017 के बाद महागठबंधन में वापसी की है।