मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, क्या भाजपा को मिलेगी मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें?
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की है। वहीं, भोपाल में कांग्रेस नेता सामूहिक उपवास पर बैठ गए हैं। नटराजन की उम्मीदवारी रद्द होने के बाद, भाजपा अब राज्य की तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल करने की स्थिति में है।
वजह
क्यों रद्द किया गया नटराजन का नामांकन?
नटराजन ने कथित तौर पर अपने नामांकन के साथ हलफनामे में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं दी थी। चुनाव अधिकारियों ने माना कि यह चूक नामांकन आवश्यकताओं का उल्लंघन है और इससे उनकी उम्मीदवारी अमान्य हो जाती है। भाजपा की उम्मीदवार माया नारोलिया और उनके चुनाव प्रतिनिधि ने रिटर्निंग अधिकारी संदीप यादव के सामने इस मुद्दे को उठाया था। उनका तर्क था कि उम्मीदवारों को कानूनी रूप से सभी लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी देना जरूरी है।
झटका
कांग्रेस के लिए ये कितना बड़ा झटका?
कांग्रेस की पूर्व महासचिव और मंदसौर से पूर्व लोकसभा सांसद नटराजन को राहुल गांधी के भरोसेमंद संगठनात्मक नेताओं में से एक माना जाता है। माना जाता है कि राहुल के कहने पर ही नटराजन को कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करते हुए उम्मीदवार बनाया गया था। वे पार्टी के आंतरिक पुनर्गठन प्रयासों में अहम भूमिका निभा चुकी हैं और कांग्रेस नेतृत्व द्वारा संगठन को मजबूत करने के प्रयास के तहत उन्हें फिर से प्रमुखता दी गई थी।
सीटें
तीनों सीटों पर कब्जा कर लेगी भाजपा?
मध्य प्रदेश विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से मौजूदा समीकरण पहले से ही भाजपा के पक्ष में हैं। हालांकि, कांग्रेस को उम्मीद थी कि नटराजन की उम्मीदवारी के जरिए वह एक प्रतीकात्मक चुनौती पेश कर सकेगी। उनका नामांकन खारिज होने और चुनाव में कोई वैकल्पिक उम्मीदवार न होने के कारण भाजपा अब राज्य से राज्यसभा की तीनों सीटों पर कब्जा करने की स्थिति में है। लगभग तीनों सीटों पर जीत तय भी है।
मामला
नटराजन के खिलाफ FIR या आपराधिक मुकदमा नहीं
नटराजन के खिलाफ कोई FIR या आपराधिक मुकदमा नहीं है। जिस मामले के आधार पर उनका नामांकन खारिज किया गया, वो 2022 में तेलंगाना के कांग्रेस नेता शिवा कुमार रेड्डी पर एक महिला द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ और धमकी के आरोपों से जुड़ा है। उस घटना के वक्त नटराजन तेलंगाना कांग्रेस प्रभारी थीं। महिला ने नटराजन से भी मामले की शिकायत की थी। कांग्रेस का कहना है कि केवल शिकायत में नटराजन का नाम हैं।