कांग्रेस को राज्यसभा चुनाव में लगा झटका, मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
क्या है खबर?
कांग्रेस को मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव में बड़ा झटका लगा है। यहां से कांग्रेस की इकलौती उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया, जिससे भाजपा के महेश केवट के लिए निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया है। नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी, जिससे उनको नुकसान हुआ। नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होने से भाजपा को बड़ा फायदा हुआ है।
चुनाव
नामांकन से पहले ही नटराजन की जीत पर मंडरा रहा था संकट
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें 2 सीट पर भाजपा की जीत पक्की है। तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार उतारा था। हालांकि, कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पहले ही भाजपा पर इस तीसरी सीट को जीतने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की साजिश रचने का आरोप लगाया था। अब कांग्रेस उम्मीदवार नटराजन का नामांकन रद्द होने से तीनों सीट भाजपा के पाले में जा सकती है।
मामला
क्या है हैदराबाद का मामला, जो नटराजन के लिए बना कांटा?
हैदराबाद की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में ए श्रीलता ने 20 अगस्त, 2025 को नटराजन और अन्य के खिलाफ मुख्य याचिका दायर की। इसमें नटराजन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत आरोप लगाए गए थे। सितंबर में कोर्ट ने समन जारी किया था, जिसका नटराजन ने जवाब दाखिल किया और इसे राजनीतिक मामला बताकर खारिज करने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने इसे खारिज नहीं किया।
चुनाव
कांग्रेस के पाले में थी एक सीट
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 163 और कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। राज्य में 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव है, जिसमें प्रत्येक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों का वोट चाहिए। भाजपा आसानी से 2 सीट जीत सकती है। बाकी बचे 47 विधायक तीसरी सीट जीतने के लिए पर्याप्त नहीं। हालांकि, उसने क्रॉस वोटिंग की संभावना के चलते तीसरा उम्मीदवार भी उतार दिया। कांग्रेस 62 विधायक (2 अयोग्य) से एक सीट जीत सकती थी।
हंगामा
विधानसभा में हुआ हंगामा
मध्य प्रदेश की विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिस कार्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। दरअसल, नामांकन खारिज होने की जानकारी मिलते ही नटराजन और दिग्विजय सिंह रिटर्निंग ऑफिस से मिलने पहुंचे थे। तभी बाहर हंगामा शुरू हो गया। इससे पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने की कोशिश की थी, लेकिन उनके विमान को उड़ने की अनुमति नहीं दी गई। नटराजन का नामांकन रद्द होने पर उनके विमान को उड़ने की अनुमति मिली।
ट्विटर पोस्ट
विधानसभा में हंगामा
मध्य प्रदेश के राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस की सीट हड़पने के लिए भाजपा राजनीति की सभी मर्यादाएँ तोड़ने में जुटी है।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) June 9, 2026
पहले तो कांग्रेस विधायकों वाली फ्लाइट को जानबूझकर लंबे समय तक उड़ने की इजाज़त नहीं दी।
दूसरे , कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के ख़िलाफ़ द्वेषपूर्ण… pic.twitter.com/qka4aSOa9I