BCCI ने हार्दिक पांड्या के लिए वनडे क्रिकेट को लेकर क्या बनाई है योजना? जानिए विवरण
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हर द्विपक्षीय वनडे सीरीज के लिए स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के चयन को प्राथमिकता नहीं दे रहा है। यह निर्णय बोर्ड द्वारा उनकी दीर्घकालिक फिटनेस और हाल ही में लगी चोट से उबरने पर ध्यान केंद्रित करने के कारण लिया गया है। BCCI का मुख्य लक्ष्य वनडे विश्व कप 2027 के लिए हार्दिक को पूरी तरह फिट और बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए तैयार करना है। आइए BCCI की योजना पर नजर डालते हैं।
रिकवरी
हार्दिक की चोट और रिकवरी प्रक्रिया
हार्दिक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के अंतिम चरण से ही चोटों से जूझ रहे हैं।
हाल में लगी जांघ की मांसपेशियों की मोच के कारण वे अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज से बाहर रहे।
हालांकि, उनकी रिकवरी सही रास्ते पर है। कुछ मामूली दिक्कतों के बावजूद वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस के करीब हैं और वनडे विश्व कप के लिए प्रदर्शन के इष्टतम स्तर को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम
हार्दिक के लिए विशेष ट्रेनिंग और फिटनेस कार्यक्रम
BCCI हार्दिक की रिकवरी पर कड़ी नजर रख रहा है, जो उसके विशेष ट्रेनिंग और फिटनेस कार्यक्रम में शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य किसी विशिष्ट सीरीज में उनकी वापसी के बजाय उनकी दीर्घकालिक फिटनेस सुनिश्चित करना है।
एक सूत्र ने रेवस्पोर्ट्ज से कहा, "हार्दिक की रिकवरी में कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन अब सब ठीक है।"
खबरों के मुताबिक, बोर्ड फिलहाल द्विपक्षीय सीरीज के लिए उनके चयन को लेकर चिंतित नहीं है।
अहमीयत
हार्दिक टीम के संतुलन के लिए हैं महत्वपूर्ण
सूत्र ने कहा, "उनकी चोट के इतिहास को देखते हुए फिलहाल उनके लिए द्विपक्षीय वनडे सीरीज प्राथमिकता नहीं है।"
अगर वह अगले साल विश्व कप से पहले खेलते हैं, तो यह ज्यादातर 50 ओवर के प्रारूप में होगा।
हार्दिक को टीम में शामिल करने से भारत को मजबूती मिलेगी क्योंकि वह बेहतरीन पारियां खेलने के साथ-साथ प्रभावशाली गेंदबाजी भी करते हैं।
हार्दिक ने भारत के लिए 94 वनडे में 1,904 रन बनाए हैं और 91 विकेट लिए हैं।