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अभिषेक बनर्जी से मारपीट मामले में 5 गिरफ्तार, ममता बोलीं- जान जा सकती थी
अभिषेक बनर्जी पर हमले से जुड़े मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

अभिषेक बनर्जी से मारपीट मामले में 5 गिरफ्तार, ममता बोलीं- जान जा सकती थी

लेखन आबिद खान
May 31, 2026
09:35 am

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तपन मैती और आकाश भी शामिल हैं, जो कथित तौर पर घटना के बाद सामने आए वीडियो में देखे गए थे। वहीं, TMC प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि अभिषेक हमले में हेलमेट न होने के कारण मर सकते थे।

बयान

ममता बोलीं- यह लोकतंत्र की हत्या

ममता ने कहा, "अगर अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उसकी जान जा सकती थी; उसकी छाती के आसपास खून के थक्के जम गए हैं। यहां तक ​​कि CPM भी लगभग 35 वर्षों तक सत्ता में रही। क्या तब कभी ऐसा कुछ हुआ था? वे (भाजपा) अमानवीय हो गई है। यह क्रूरता है। लोकतंत्र की हत्या की बात छोड़िए; अब तो लोगों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है।"

अभिषेक का बयान

भाजपा मुझे जान से मारना चाहती थी- अभिषेक

अभिषेक ने भाजपा समर्थकों पर सुनियोजित हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब तक पुलिस और सुरक्षा बल यहां सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर देते, मैं नहीं हटूंगा। वे मुझे मारना चाहते हैं। हमने पुलिस को यात्रा के बारे में सूचित किया था। हमने पुलिस को फोन भी किया लेकिन फोन नहीं उठाया। वे मुझे जान से मारना चाहते थे। हम इस बारे में हाई कोर्ट को जरूर बताएंगे। हम राज्यपाल को भी इस बारे में सूचित करेंगे।"

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राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने कहा- ये बदले की राजनीति का घिनौना रूप

राहुल गांधी ने कहा, 'अभिषेक पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है। एक सांसद पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है। यह भाजपा की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएं आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।'

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अस्पताल

ममता बनर्जी ने अस्पताल पर भी लगाए आरोप

ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अस्पताल पर दबाव डालकर अभिषेक को गंभीर हालत के बावजूद अस्पताल से छुट्टी दिलवाई। उन्होंने कहा, "डॉक्टरों और अस्पताल को भाजपा नेताओं और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) से धमकी भरे फोन आ रहे थे। अगर अभिषेक बनर्जी की हालत गंभीर नहीं थी तो उन्हें ITU में क्यों भर्ती कराया गया और बाद में दबाव में आकर उन्हें छुट्टी क्यों दे दी गई।"

हमला

चुनावी हिंसा के बाद सोनारपुर के दौरे पर थे अभिषेक

दरअसल, बीते दिन अभिषेक दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित तौर पर चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए TMC कार्यकर्ता संजू कर्माकर के परिजनों से मिलने गए थे। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। इस दौरान अभिषेक पर अंडे और पत्थर फेंके गए और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'चोर चोर' के नारे लगाए। हमले के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने हेलमेट पहनाकर अभिषेक को सुरक्षा दी।

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