महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका चुनाव में भाजपा को अपनों से झटका, कांग्रेस का मेयर बना
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में ठाणे जिले के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका मेयर चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां भाजपा के 9 पार्षदों ने पलटी मारते हुए कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार और भाजपा के बागी नेता को मेयर का चुनाव जीता दिया। कांग्रेस, भिवंडी धर्मनिरपेक्ष मोर्चा और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SCP) के उम्मीदवार नारायण चौधरी को 90 में कुल 46 वोट मिले। शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के विलास पाटिल को 25 और भाजपा उम्मीदवार स्नेहल पाटिल को 16 वोट मिले।
चुनाव
कांग्रेस के तारिक मोमिन बने उपमेयर
मराठी मीडिया के मुताबिक, निगम के विलासरावजी देशमुख हॉल में दोपहर 12 बजे हाथ उठाकर मतदान हुआ, जिसमें चौधरी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। मेयर चुनाव में कुल 10 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे, जिसमें 6 उम्मीदवारों ने अपने आवेदन वापस ले लिए। मुकाबला कांग्रेस-राष्ट्रवादी धर्मनिरपेक्ष मोर्चा के साझा उम्मीदवार चौधरी, शिवसेना के विलास पाटिल और भाजपा की स्नेहा पाटिल के बीच त्रिकोणीय था। चुनाव में चौधरी की जीत हुई। कांग्रेस के तारिक मोमिन 43 वोटों से उपमेयर बने हैं।
गणित
कैसे जीते कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार चौधरी?
पिछले महीने हुए भिवंडी-निजामपुर निगम चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसे 90 में 30 सीटें मिली थीं। भाजपा को 22, शिवेसना को 12, NCP-SCP को 12, समाजवादी पार्टी को 6, कोणार्क विकास अघाड़ी को 4, भिवंडी विकास अघाड़ी को 3 सीट मिली और 1 निर्दलीय जीता था। मेयर चुनाव में कांग्रेस की चुनौती कड़ी थी, लेकिन भाजपा के पास 22 में 9 पार्षद चौधरी के खेमे में चले गए और शिवसेना के उम्मीदवार से उसे नुकसान हुआ।
चुनाव
मेयर चुनाव में किस उम्मीदवार को किस पार्टी के मिले वोट?
नारायण चौधरी को कांग्रेस के 30, NCP-SCP के 12, भाजपा के 9 पार्षदों का समर्थन मिला। विलास पाटिल को कोणार्क विकास अघाड़ी के 4, शिवसेना के 12 समाजवादी पार्टी के 6, भिवंडी विकास अघाड़ी के 3 पार्षदों का समर्थन मिला। स्नेहल पाटिल को भाजपा के सिर्फ 16 पार्षदों के वोट मिले, जबकि उनको समर्थन देने वाला निर्दलीय पार्षद अनुपस्थित रहा। बता दें कि भिवंडी धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (BSF) भाजपा के बागी पार्षदों ने बनाया है, जिसने कांग्रेस को समर्थन दे दिया।