महाराष्ट्र के कॉलेजों में 30 साल बाद फिर होंगे छात्र चुनाव, बनी समिति
महाराष्ट्र में कॉलेज के छात्र चुनाव वापस लाने की तैयारी शुरू हो गई है। ये चुनाव 1990 के दशक की शुरुआत से नहीं हुए थे। मुंबई यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति सुहास पैडनेकर की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति तय करेगी कि इन चुनावों को कैसे फिर से शुरू किया जाए।
इस समिति का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव सिर्फ शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े रहें और उन पर किसी भी बाहरी राजनीतिक या व्यावसायिक दबाव का असर न पड़े।
1989 की हिंसा के बाद चुनाव रोके गए थे
छात्रों के चुनाव कई दशकों पहले हिंसा और अशांति के बाद रोक दिए गए थे। खासकर 1989 की एक दुखद घटना के बाद तो हालात और बिगड़ गए थे। इन चुनावों को फिर से शुरू करने की कई कोशिशें हुईं।
यहां तक कि 2016 में इसके लिए एक कानून भी बनाया गया था, लेकिन अलग-अलग चुनौतियों के चलते ये कभी शुरू नहीं हो पाए। अब जबकि जेन-जी छात्र और कैंपस के विभिन्न समूह इन चुनावों को फिर से शुरू करने पर जोर दे रहे हैं, राज्य सरकार एक ऐसी निष्पक्ष व्यवस्था बनाना चाहती है, जिससे कैंपस में हर किसी को अपनी बात रखने का मौका मिल सके।