
महाराष्ट्र: संजय राठौड़ को मंत्री बनाने पर सवाल, खुदकुशी मामले में सामने आ चुका है नाम
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में भाजपा के सहयोग से बनी एकनाथ शिंदे सरकार के कैबिनेट का मंगलवार को विस्तार होने के साथ विवाद भी उठ गया है।
कैबिनेट में शामिल किए गए 18 मंत्रियों में शिवसेना के बागी विधायक संजय राठौड़ को मंत्री बनाए जाने पर एक भाजपा नेता ने सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री शिंदे ने इसका बचाव करते हुए मामले को शांत करने का प्रयास किया है, लेकिन अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मामला
राठौड़ को ठाकरे सरकार में देना पड़ा था इस्तीफा
उद्धव ठाकरे सरकार में राठौड़ वन मंत्री थे। फरवरी 2022 में टिक टॉक स्टार पूजा चव्हाण (22) के खुदकुशी करने के मामले में उनका नाम सामने आया था।
उन पर आरोप था कि पूजा के उनसे संबंध थे और उनके बिगड़ने को लेकर ही उसने खुदकुशी की है।
भाजपा ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में इस मुद्दे को उठाते हुए राठौड़ को मंत्रीमंडल से हटाने की मांग की थी।
उसके बाद 28 फरवरी को राठौड़ ने इस्तीफा दे दिया था।
शामिल
शिंदे ने राठौड़ को फिर किया मंत्रिमंडल में शामिल
जून में शिंदे के उद्धव ठाकरे से बगावत करने के दौरान राठौड़ ने उनका साथ दिया था और अन्य विधायकों को भी अपने साथ लाने में खासी मेहनत की थी।
इसको देखते हुए मुख्यमंत्री शिंदे ने कैबिनेट विस्तार में उन्हें जगह देते हुए फिर से मंत्री बनाया है।
उनके शपथ लेने के थोड़ी देर बाद ही भाजपा की राज्य इकाई की उपाध्यक्ष चित्रा वाघ सोशल मीडिया के जरिए उनको मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर सवाल खड़े किए हैं।
ट्वीट
चित्रा वाघ ने ट्वीट कर जताया विरोध
चित्रा वाघ ने ट्वीट के साथ अपना एक वीडियो भी साझा किया है।
इसमें उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाराष्ट्र की बेटी पूजा चव्हाण के खुदकुशी करने का कारण रहे संजय राठौड़ को फिर से मंत्री का पद दिया गया है। भले ही वह फिर से मंत्री बन गए हैं, लेकिन मैं उनके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगी। मैं भगवान और न्याय में विश्वास करती हूं। हम लड़ेंगे और इस लड़ाई में हमें जीत आवश्यक रूप से मिलेगी।"
सफाई
मुख्यमंत्री शिंदे ने किया राठौड़ को मंत्री बनाने का बचाव
चित्रा वाघ के राठौड़ को मंत्री बनाने पर सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराने को लेकर मुख्यमंत्री शिंदे ने उनका बचाव किया है।
उन्होंने कहा, "पिछली सरकार में कराई गई मामले की जांच में पुलिस की ओर से राठौड़ को क्लीन चिट दी गई थी। इसके चलते ही हमने उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया है।"
हालांकि, मुख्यमंत्री के इस बयान पर चित्रा की फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं है, लेकिन इसे नए विवाद की शुरुआत माना जा सकता है।
मंत्रिमंडल
महाराष्ट्र में 40 दिन बाद हुआ मंत्रिमंडल का विस्तार
महाराष्ट्र में शिंदे सरकार बनने के 40 दिन बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है। इसमें भाजपा और शिंदे गुट के नौ-नौ विधायकों को शामिल किया गया है।
भाजपा गुट से चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार, राधा कृष्ण विखे, गिरीश महाजन, सुरेश खाडे, रविंद्र चव्हाण, मंगल प्रभात, विजय कुमार गवित और अतुल सावे को मंत्री बनाया गया है।
इसी तरह शिंदे गुट से दादा भूसे, उदय सामंत, गुलाबराव पाटिल, तानाजी सावंत, संजय राठौड़ और संदीपन भूमारे को मंत्री बनाया गया है।
पृष्ठभूमि
शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर बनाई थी सरकार
जून में शिंदे ने शिवसेना के कई विधायकों के साथ मिलकर उद्धव ठाकरे से बगावत कर दी थी।
इसके बाद 29 जून को सुप्रीम कोर्ट के फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके अगले ही दिन शिंदे ने भाजपा के सहयोग से मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी। तभी से दोनों दो सदस्यीय कैबिनेट के रूप में काम कर रहे थे।