Loading...
लोकसभा से पेपर लीक से जुड़ा संशोधन विधेयक पारित, हंगामे के बीच ध्वनिमत से हुआ मतदान
पेपर लीक से जुड़ा संशोधित विधेयक लोकसभा से पारित

लोकसभा से पेपर लीक से जुड़ा संशोधन विधेयक पारित, हंगामे के बीच ध्वनिमत से हुआ मतदान

लेखन आबिद खान
Jul 29, 2026
03:41 pm

क्या है खबर?

लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित हो गया है। विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से विधेयक को पारित कर दिया गया। ये विधेयक 2024 में लाए गए पुराने विधेयक की जगह लेगा। इसमें जुर्माने और सजा को लेकर पहले के मुकाबले सख्त प्रावधान किए गए हैं। विधेयक पर चर्चा के दौरान आज लोकसभा में खूब हंगामा भी हुआ।

हंगामा

राहुल के संबोधन के दौरान हुआ हंगामा

विधेयक पर चर्चा के दौरान आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पेपर लीक, RSS की भूमिका, धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल समेत तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरा।

राहुल द्वारा 'इडियट' शब्द के इस्तेमाल को लेकर सदन में खूब हंगामा भी हुआ।

राहुल ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था। NDA सांसदों ने इस पर सबूत की मांग की।

सरकार

जितेंद्र सिंह बोले-  प्रदर्शन में नहीं चली पैलेट गन

राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में पैलेट गन नहीं चली थी।

उन्होंने कहा, "गोली चलाने के आदेश अधिकारी देते हैं, सरकार नहीं। जब छात्रों पर गोली चली ही नहीं तो फिर आदेश किसने दिया, इस बात का क्या तुक। गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं मजिस्ट्रेट देता है। राहुल बिना तथ्यों के बयान देते हैं। प्रदर्शनकारियों पर सिर्फ आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।"

ADVERTISEMENT

विधेयक

विधेयक में क्या हैं प्रावधान?

संशोधित विधेयक में पेपर लीक को लेकर 5 से 10 साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। संगठित अपराध के मामले में सजा 7 साल और जुर्माना 10 करोड़ रुपये तक होगा।

वहीं, पेपर लीक की जांच 2 महीने में पूरी किए जाने का प्रावधान है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होगी। चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करना होगा।

ADVERTISEMENT