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उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में कुलदीप सेंगर की जमानत खारिज
कुलदीप सेंगर की जमानत याचिका खारिज

उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में कुलदीप सेंगर की जमानत खारिज

लेखन गजेंद्र
Jan 19, 2026
03:02 pm

क्या है खबर?

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से संबंधित मामले में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति रविंदर दुदेजा ने कहा कि सेंगर ने 10 साल की कुल सजा में लगभग 7.5 साल हिरासत में बिताए हैं और मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी अपील पर फैसला करने में देरी हुई है, लेकिन यह देरी सेंगर द्वारा दायर कई याचिकाओं के कारण हुई है।

सजा

2018 में हुई थी मौत

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता को सेंगर के इशारे पर गिरफ्तार किया गया था और 9 अप्रैल, 2018 को पुलिस की बर्बरता के कारण हिरासत में उनकी मृत्यु हो गई थी। मार्च 2020 में दिल्ली की कोर्ट ने सेंगर और अन्य को उनकी मृत्यु के लिए दोषी ठहराया और 10 साल की कैद और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इससे पहले जून 2024 में हाई कोर्ट ने सेंगर की इसी तरह की याचिका खारिज कर दी थी।

कोर्ट

सेंगर 2020 में गया था कोर्ट

सेंगर ने इस फैसले के खिलाफ मार्च 2020 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, तब कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज की थी। तब कोर्ट ने कहा था कि अपराध की गंभीरता, प्रकृति, दोषी का आपराधिक इतिहास और न्यायपालिका में जनता के विश्वास पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे कारकों पर विचार करने पर सेंगर सजा के निलंबन का हकदार नहीं है। कोर्ट ने सेंगर के साथ उसके भाई अतुल सेंगर और 5 अन्य को 10 साल की सजा सुनाई थी।

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जमानत

हाल में सेंगर को मिली थी रेप मामले में जमानत, अब रोकी गई

सेंगर ने जून 2017 में पीड़िता को अगवा कर रेप किया और 60,000 रुपये में बेंच दिया। तब पीड़िता नाबालिग थी। इसके बाद पीड़िता को सड़क हादसे में मारने की कोशिश की गई, जिसमें 2 चाचियों की मौत हो गई। अगस्त 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने मामला दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित किया और सेंगर को दिसंबर 2019 में रेप और पिता की मौत का दोषी ठहराया। दिल्ली हाई कोर्ट से सेंगर को जमानत मिल गई थी, जो अब रद्द है।

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