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उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में मतदाता सूचियों का SIR पूरा, काटे गए 6.65 करोड़ नाम
उत्तर प्रदेश 12 राज्यों के SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 करोड़ से अधिक नाम काटे गए

उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में मतदाता सूचियों का SIR पूरा, काटे गए 6.65 करोड़ नाम

लेखन गजेंद्र
Jan 06, 2026
07:56 pm

क्या है खबर?

चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों में सुधार के लिए 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किया था, जो मंगलवार को उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट सूची आने से साथ पूरा हो गया। इस दौरान देशभर में 51 करोड़ मतदाताओं को कवर किया गया, जिसमें से 6.65 करोड़ मतदाताओं के नाम कई कारणों से हटा दिए गए हैं। सबसे अधिक नाम उत्तर प्रदेश से 2.89 करोड़ काटे गए हैं। अब आगे क्या होगा? आइए जानते हैं।

सूची

उत्तर प्रदेश में काटे गए सबसे अधिक मतदाताओं के नाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता थे, जिसमें 18 प्रतिशत यानी 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। अब राज्य में 12.55 करोड़ मतदाता हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 1.3 करोड़ मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए हैं और 45 लाख मृत मिले हैं। कुल 23 लाख का नाम 2 जगह पंजीकृत मिले, 9.4 लाख ने फॉर्म नहीं लौटाया और 84.5 लाख गुमनाम हैं, तो कुल 2.89 करोड़ मतदाता हट गए हैं।

नाम

उत्तर प्रदेश के बाद तमिलनाडु में कटे सबसे अधिक नाम

उत्तर प्रदेश के बाद सबसे अधिक मतदाताओं के नाम तमिलनाडु से काटे गए, जिनकी संख्या 97.38 लाख है। यहां 27 लाख मृत, 13.6 लाख गायब, 3.98 लाख नाम दोहरे पंजीकरण के कारण हटाए गए हैं। इसके बाद गुजरात से 73.73 लाख, पश्चिम बंगाल से 58.21 लाख, राजस्थान से 41.85 लाख, मध्य प्रदेश से 42.74 लाख, छत्तीसगढ़ से 27.35 लाख, केरल से 24.08 लाख, गोवा और पुडुचेरी से 1-1 लाख, अंडमान-निकोबार में 64,000 और लक्षद्वीप से 1,616 नाम काटे गए हैं।

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प्रक्रिया

अब आगे क्या होगा?

सभी 12 राज्यों में ड्राफ्ट सूची हो गई है। अब दावे और आपत्तियां मांगे जा रहे हैं, जिसके मिलने के बाद उनका निस्तारण होगा। जिनका-जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में छूट गया, कट गया या नहीं आया है, उन्हें दावे और आपत्तियां जमा करनी होंगी। उत्तर प्रदेश में 6 फरवरी तक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में 15 जनवरी, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान में 22 जनवरी, गोवा, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार और पुडुचेरी में जनवरी के मध्य तक दावे-आपत्तियां देनी होंगी।

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सूची

कब जारी होगी मतदाताओं की अंतिम सूची?

दावों और आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, जो सभी प्रदेशों में अलग-अलग तिथियों पर होगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद किसी तरह के दावे और आपत्तियां स्वीकार नहीं होंगे। उत्तर प्रदेश में अंतिम सूची सबसे अंत में 6 मार्च को जारी होगी, जबकि तमिलनाडु की 17 फरवरी, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, राजस्थान की 21 फरवरी, पश्चिम बंगाल की 7 फरवरी और गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार की फरवरी के मध्य में जारी होगी।

असम

असम में अलग से हुआ SIR

इन 12 राज्यों के अतिरिक्त असम में SIR अलग से किया गया है। यहां कुल 2.62 करोड़ मतदाताओं में से 10.56 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। अब 2.51 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य में काटे गए 10.56 लाख मतदाताओं में 4.78 लाख मृत, 5.23 लाख स्थायी रूप से पलायन कर चुके और 53,619 दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाता शामिल हैं। असम के मतदाता 22 जनवरी तक अपनी आपत्तियां-दावे देंगे। अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी होगी।

नाम

नाम कटने वाले मतदाता क्या करें?

अगर किसी का नाम मतदाता सूची से कट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। फॉर्म बूथ लेवल अधिकारी (BLO), तहसील, SDM कार्यालय, चुनाव कार्यालय या ऑनलाइन मिलेगा। फॉर्म में जानकारी भरकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली का बिल, बैंक पासबुक, जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट लगानी होगी। फॉर्म BLO के पास जमा होंगे। नाम-पता बदलवाने के लिए फॉर्म-8 और नाम कटवाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 भर सकते हैं।

खबर

BLO की मौत को लेकर खूब हुआ बवाल

SIR की पूरी प्रक्रिया के दौरान कई BLO की मौत हो गई, जिसको लेकर खूब राजनीति हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि आयोग के दबाव के कारण BLO आत्महत्या कर रहे हैं। अकेले बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि 40 BLO ने जान गंवाई है। मध्य प्रदेश में 6-9, उत्तर प्रदेश में 5-10, गुजरात में 4-6, राजस्थान में 2-3, तमिलनाडु, केरल और बिहार में 1-2 मौतों की खबरें आई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इससे इंकार किया है।

प्रक्रिया

क्या है SIR?

SIR एक तरह से नई मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया है, जिसमें काफी गहन तरीके से मतदाताओं की जानकारी इकट्ठा की जाती है। मतदाताओं की जानकारी के आधार पर मतदाता सूची अपडेट किया जाता है। चुनाव आयोग SSR की प्रक्रिया करता रहता है, लेकिन SIR की प्रक्रिया काफी गहन है। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले ये प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसका काफी विरोध हुआ था। अब चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे किया है।

विरोध

इस साल बंगाल समेत इन राज्यों में होंगे चुनाव

चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया तब शुरू की गई है, जब इस साल पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसीलिए विपक्षी पार्टियों ने आयोग की मंशा पर सवाल उठाए थे। इस साल असम की 126 सीटों, केरल की 140 सीटों, तमिलनाडु की 234 सीटों, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मार्च से लेकर मई के बीच में चुनाव होने हैं। सभी की नजर बंगाल के चुनाव पर अधिक है।

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