
बुजुर्गों, दिव्यांगों और कोरोना संक्रमितों को मिलेगी घर से मतदान करने की सुविधा- चुनाव आयोग
क्या है खबर?
चुनाव आयोग ने ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश में चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के बाद बुधवार को लखनऊ में कहा कि राज्य के सभी राजनीतिक दल समय पर चुनाव कराना चाहते हैं।
ऐसे में उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में अब निर्धारित समय पर ही चुनाव कराए जाएंगे।
इसी तरह आयोग ने 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, दिव्यांग और कोरोना संक्रमितों को घर से मतदान की सुविधा देने का भी ऐलान किया है।
समीक्षा
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक की हालातों की समीक्षा
देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों पर संशय खड़ा हो गया था।
इलाहबाद हाई कोर्ट ने भी चुनाव स्थगित करने पर विचार करने की अपील की थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में जाकर वहां की स्थिति का जायजा लेने का निर्णय किया था।
इस पर आयोग अधिकारी पिछले तीन दिन से उत्तर प्रदेश में स्थिति का जायजा ले रहे थे।
सुझाव
राजनीतिक दलों ने आयोग को दिए ये सुझाव
आजतक के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फेंस में कहा, "पिछले तीन दिनों में सभी राजनीतिक दलों से राय ली गई। ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी की कोशिश की। पुलिस प्रशासन से भी इंतजाम पर बात की गई है।"
उन्होंने कहा, "चर्चा के दौरान सभी दलों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय पर चुनाव कराने, रैलियों की संख्या सीमित करने तथा बूथों पर पर्याप्त महिला पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की।"
सुविधा
राजनीतिक दलों ने की बुजुर्गों को घर से मतदान करने की सुविधा देने की मांग- चंद्रा
चंद्रा ने कहा कि राजनीतिक दलों ने सभी दिव्यांगों और 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर से ही मतदान करने की सुविधा देने की मांग की है।
इसके लिए उनकी अलग से मतदाता सूची जारी करने का भी सुझाव दिया गया है। इसी तरह कुछ दलों ने चुनावी रैलियों में नफरती भाषण दिए जाने और क्षमता से अधिक भीड़ आने पर चिंता जताते हुए महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम करने की भी मांग की है।
जानकारी
राजनीतिक दलों के बाद अधिकारियों से की चर्चा- चंद्रा
चंद्रा ने कहा कि राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद सभी पुलिस अधीक्षक और आयुक्तों से मिलकर हालात का जायजा लिया गया। इसके बाद सभी नोडल अधिकारियों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों से फीडबैक लिया गया।
मतदान केंद्र
उत्तर प्रदेश में बढ़ाए जाएंगे 11,000 मतदान केंद्र- चंद्रा
चुनाव को लेकर चंद्र ने कहा कि महामारी के हालातों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या को 11,000 तक बढ़ाया जाएगा। इसी तरह प्रदेश में कुल 1,74,391 मतदान केंद्र होंगे। पहले एक केंद्र पर 1,500 वोट होते थे, जिन्हें घटाकर 1,200 किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में प्रत्येक विधानसभा में 10 मॉडल मतदान केंद्रों सहित राज्य में कुल 4,030 मॉडल मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। सभी केंद्रों पर EVP में VVPAT लगाई जाएगी।
घोषणा
चुनाव आयोग ने की अहम घोषणाएं
कॉन्फ्रेंस के दौरान चंद्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, दिव्यांग और कोरोना संक्रमित मतदाताओं को घर से मतदान की सुविधा दी जाएगी। इसी तरह मतदाताओं को वोटर आईडी कार्ड के अलावा अन्य पहचान पत्र से भी वोट डालने की सुविधा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मतदान के समय को बढ़ाकर सुबह 8 से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। इसी तरह पूरे राज्य में 800 महिला मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
इजाफा
महिला मतदाताओं की संख्या में हुआ इजाफा- चंद्रा
चंद्रा ने कहा कि राज्य में 18 से 19 साल के नए मतदाताओं की तादाद पिछले चुनाव से तीन गुना अधिक है। इसमें हजार पुरुष मतदाताओं में 839 महिलाओं का अनुपात अब 868 हो गया है। इसका मतलब है कि राज्य में पांच लाख महिला मतदाता बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा राज्य में अब तक 52.8 लाख नए मतादात जोड़े गए हैं। इसमें 23.92 लाख पुरूष और 28.86 लाख महिला मतदाता हैं। 18-19 आयु वर्ग के 19.89 लाख मतदाता हैं।