Loading...
फॉर्म 6, ECINET और SIR; चुनाव आयोग ने विवादित मुद्दों पर क्या-क्या सफाई दी?
चुनाव आयोग ने कई विवादित मुद्दों पर स्पष्टीकरण जारी किया है

फॉर्म 6, ECINET और SIR; चुनाव आयोग ने विवादित मुद्दों पर क्या-क्या सफाई दी?

लेखन आबिद खान
Sep 27, 2026
07:03 pm

क्या है खबर?

कार्यप्रणाली को लेकर छिड़े विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दिल्ली में अहम बैठक की। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉक्टर सुखबीर सिंह संधू और डॉक्टर विवेक जोशी शामिल हुए। बैठक के बाद आयोग ने उन सभी मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया, जिन पर हाल ही में एक रिपोर्ट आने के बाद सवाल उठाए गए हैं। आइए जानते हैं आयोग ने विवादित मुद्दों पर क्या कहा।

फॉर्म 6

फॉर्म 6 में बदलाव

चुनाव आयुक्त जोशी ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर आपत्ति जताई थी।

इसके जवाब में आयोग ने कहा कि फॉर्म 6 में शामिल किए गए डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है।

आयोग ने कहा कि यह डिक्लेरेशन विशेष रूप से SIR प्रक्रिया के लिए था और SIR के अलावा मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

मतदाता सूची

मतदाता सूची डेटाबेस तक पहुंच पर आयोग ने क्या कहा?

दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची डेटाबेस के केंद्रीकरण और चुनाव अधिकारियों तक इसकी पहुंच होने पर चिंता जताई थी।

इसकी सफाई में आयोग ने कहा कि फील्ड अधिकारियों को उनकी वैधानिक शक्तियों के तहत ECINET तक पहुंच दी गई है।

आयोग ने बताया कि प्रक्रियाओं के अनुपालन की जांच के लिए ECINET प्रणाली की समीक्षा का आदेश दिया है। वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति इसकी समीक्षा करेगी, जिसमें IIT का विशेषज्ञ भी शामिल होगा।

ADVERTISEMENT

गोवा

गोवा के 97 पात्र मतदाताओं के नाम कटने पर आयोग ने क्या कहा?

एक मामला ये भी सामने आया कि गोवा में मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ERO) ने तार्किक विसंगतियों के आधार पर 97 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए थे। हालांकि, जांच में ये मतदाता पात्र निकले, इसके बावजूद इनका नाम नहीं जुड़ पाया।

इस पर आयोग ने कहा कि अधिकारियों को छूटे हुए मतदाताओं के पास जाकर उनके फॉर्म एकत्र करने का निर्देश दिया गया है। 97 में से 81 मतदाताओं ने फॉर्म 6 भरकर अपना नाम दर्ज करवा लिया है।

ADVERTISEMENT

आदेश

आयुक्तों की स्वीकृति के बिना आदेश और फैसले 

संधू ने आयोग की पूर्ण स्वीकृति के बिना जारी किए गए आदेशों पर आपत्ति जताई थी। जोशी ने भी इसी तरह का मुद्दा उठाया और कहा कि भविष्य के संचारों के लिए जरूरी स्वीकृति ली जानी चाहिए।

इसके जवाब में आयोग ने कुछ साफ-साफ नहीं कहा। हालांकि, आयोग ने बताया कि आयोग की सभी बैठकों का एजेंडा पहले से वितरित किया जाएगा और कार्यवाही का विवरण भी जारी किया जाएगा।

अपील

मतदाता सूची से नाम हटाने की अपील

संधू ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में शामिल नाम हटाने की अपीलों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि चुनाव आयोग की ओर से अपील दायर करने के लिए कौन अधिकृत है और वास्तव में अपील किसने दायर की है।

इस पर आयोग ने कहा कि जिन लोगों का नाम SIR में छूट गया है, वे ERO को आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे मतदाताओं के लिए विशे अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

ADVERTISEMENT